केंद्र सरकार का नया फैसला: केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी राहत!

केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के हित में एक अहम फैसला लेते हुए ड्रेस भत्ते (Dress Allowance) के नियमों में बदलाव किया है। यह बदलाव विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए राहतभरा है जो साल के बीच में नौकरी जॉइन करते हैं या सेवा निवृत्ति (रिटायरमेंट) लेते हैं।
क्या होता है ड्रेस भत्ता?
ड्रेस भत्ता एक तरह की आर्थिक सहायता है जो सरकार उन कर्मचारियों को देती है जिन्हें ड्यूटी के दौरान यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य होता है। इसमें कपड़े की खरीद, जूते और यूनिफॉर्म के रखरखाव का खर्च शामिल होता है। वर्ष 2017 में वित्त मंत्रालय ने यह तय किया था कि पुराने सभी संबंधित भत्तों को मिलाकर एकीकृत ड्रेस भत्ता दिया जाएगा।
नया क्या है नियमों में?
24 सितंबर 2025 को डाक विभाग द्वारा जारी किए गए नए आदेश के अनुसार, अब 1 जुलाई 2025 के बाद नौकरी में आने वाले नए कर्मचारियों को भी ड्रेस भत्ता आनुपातिक आधार पर मिलेगा। इसका अर्थ है कि यदि कोई कर्मचारी पूरे साल की बजाय साल के बीच में सेवा में आता है या रिटायर होता है, तो उसे उसी अनुपात में भत्ता मिलेगा जितने महीने उसने सेवा दी है।
किसे होगा फायदा?
नए नियुक्त कर्मचारी: 1 जुलाई 2025 के बाद नौकरी शुरू करने वालों को पूरे साल की बजाय सेवा अवधि के हिसाब से भत्ता मिलेगा।
रिटायर होने वाले कर्मचारी: जो कर्मचारी जुलाई 2025 के बाद रिटायर होंगे, उन्हें भी ड्रेस भत्ता उसी आधार पर मिलेगा जितने महीने उन्होंने काम किया हो।
रिकवरी की स्थिति: यदि किसी कर्मचारी को ड्रेस भत्ता ज्यादा दे दिया गया है और वह अक्टूबर 2025 या उसके बाद रिटायर होता है, तो उससे अतिरिक्त राशि वापस ली जाएगी। लेकिन 30 सितंबर 2025 तक रिटायर हुए कर्मचारियों से कोई वसूली नहीं की जाएगी।
भत्ता कब दिया जाएगा?
डाक विभाग के अनुसार ड्रेस भत्ता हर साल जुलाई माह की सैलरी के साथ जारी किया जाता है। अब नियम स्पष्ट होने के बाद कर्मचारियों को यह सोचने की जरूरत नहीं होगी कि उन्हें भत्ता कब और कितना मिलेगा।
पुराने और नए कर्मचारियों में अंतर
जुलाई 2025 से पहले नियुक्त कर्मचारी इन्हें अभी भी जून 2025 तक लागू पुराने नियमों के अनुसार ही भत्ता मिलेगा। जबकि जुलाई 2025 के बाद नियुक्त कर्मचारी इन्हें नया, स्पष्ट और आनुपातिक नियम लागू होगा। इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं।
