निजी मोबाइल कंपनी के कमजोर नेटवर्क से क्षेत्रवासी बेहाल, इंटरनेट स्पीड बनी सिरदर्द
निजी मोबाइल कंपनी के कमजोर नेटवर्क से क्षेत्रवासी बेहाल, इंटरनेट स्पीड बनी सिरदर्द

उपेंद्र तिवारी
विंढमगंज।
क्षेत्र के मोबाइल उपभोक्ता इन दिनों निजी मोबाइल कंपनी की कमजोर नेटवर्क व्यवस्था से बेहद परेशान हैं। पिछले कई दिनों से नेटवर्क की स्थिति इतनी खराब बनी हुई है कि उपभोक्ता न तो ठीक से बातचीत कर पा रहे हैं और न ही इंटरनेट का उपयोग कर पा रहे हैं। अच्छी सेवा और तेज़ नेटवर्क का दावा करने वाली कंपनी उपभोक्ताओं को अब भी 2जी जैसी धीमी गति मुहैया करा रही है, जिससे सोशल मीडिया, ई-मेल, ऑनलाइन भुगतान, शैक्षणिक कार्य और ऑफिस से जुड़े जरूरी कार्य ठप पड़ गए हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि दिन के अधिकतर समय नेटवर्क गायब रहता है। कॉल ड्रॉप की समस्या आम हो चुकी है, जबकि इंटरनेट स्पीड इतनी कम है कि एक साधारण वीडियो या फोटो डाउनलोड करना भी चुनौती बन गया है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो गई है क्योंकि अधिकांश लोग बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और पढ़ाई से जुड़े कार्यों के लिए मोबाइल इंटरनेट पर ही निर्भर हैं।
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए कंपनी का कोई स्थानीय कार्यालय उपलब्ध नहीं है। उपभोक्ताओं को केवल टोल-फ्री नंबर पर शिकायत करनी पड़ती है, जहां समाधान न मिलने से उनकी नाराज़गी लगातार बढ़ रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कंपनी की ग्राहक सेवा केवल औपचारिक जवाब देती है, जबकि समस्या का समाधान नहीं होता।
जानकारी के अनुसार, शुरुआती दिनों में मुफ्त सेवा देकर उपभोक्ताओं को आकर्षित करने वाली कंपनी अब महंगे रिचार्ज प्लान और वैलिडिटी के नाम पर कई गुना शुल्क वसूल रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जितना पैसा हर महीने खर्च करना पड़ रहा है, उतनी गुणवत्ता वाली सेवा नहीं मिल रही है।
नेटवर्क की कमजोर स्थिति से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। छात्र ऑनलाइन कक्षाओं से वंचित हैं, व्यवसायी अपने डिजिटल भुगतान कार्य नहीं कर पा रहे हैं और आम लोग मनोरंजन या संवाद दोनों से कटे हुए महसूस कर रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने कंपनी प्रशासन और दूरसंचार विभाग से मांग की है कि विंढमगंज क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या का जल्द समाधान किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
