नाली पर पटिया लगाकर सब्जी की दुकान चला रहे हैं जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो जा रही है और आने जाने वाले वाहन एवं राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वार्ड नंबर 17 रामनगर रेनूसागर
संवाददाता आरके जायसवाल
नमस्कार दोस्तों आपको बताते चले कि रेनूसागर शिव मंदिर वार्ड नंबर 17 जो की रामनगर के नाम से जाना जाता है यहां पर शाम को सब्जी की दुकान काफी संख्या में रोजाना लगती हैं जो दुकान नाली के इस बगल मे रोड पर लगाकर अपना सब्जी की दुकान चलाते हैं जो की सड़क किनारे नाली है उसके पीछे काफी बगल मे जगह है लेकिन दुकान वहां न लगाकर यह नाली के ऊपर लकड़ी लगाकर और आधा दुकान सड़क पर लगाते हैं शिव मंदिर गरबंधा बलिया खटाल और अगल-बगल के वार्ड में जाने का मुख्य मार्ग यही है जिससे कि मोटरसाइकिल और फोर व्हीलर गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है और सब्जी बेचने वाले और खरीदने वाले सड़क को पूरी तरह से जाम कर देते हैं

जिससे कि पैदल आने जाने वाले को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है वहां रोजाना कोई ना कोई चोटिला हो जाता है या फिर कोई ना कोई गाड़ी जरूर टकरा जाती है इसलिए शासन प्रशासन एवं नगर पंचायत को इस पर ध्यान आकर्षित करने की आवश्यकता है शिव मंदिर के निवासी नगर पंचायत के उच्च अधिकारी एवं शासन प्रशासन के उच्च अधिकारियों से अनुरोध करते हैं कि जो दुकानें सड़क पर लगाते हैं उन दुकानों को नाली के उस बगल लगाया जाए जिससे कि आने जाने वालों को दिक्कतों का सामना करना नहीं पड़ेगा चाहे वह मोटरसाइकिल हो या फोर व्हीलर या फिर सब्जी खरीदने वाले क्यों कि सब्जी खरीदते वक्त लोग झुक कर सब्जी खरीदने हैं इस कारण गाड़ी में उनका शरीर टच हो जाता है और रोजाना लड़ाई की स्थिति बनी रहती है जिससे कि सड़क पर आने-जाने में लोगों को और वाहनों को तकलीफ होती है रोजाना जाम लगा रहता है और ऐसा कोई दिन ना हो जिस दिन की गाड़ी वाले से टकराव न हो और टकराव होने पर आपस में गाली गलौज ना करें। मोटरसाइकिल वाले का तो रोज का वहां गिरना लगा रहता है।

यहां तक एक दो को एक दूसरे से आपस में जरूर टकराना लगा रहता है इस तरह से यहां का धंधा बन चुका है इसलिए नाली के पीछे में काफी जगह रहते हुए भी लोग सड़क पर दुकान अपनी लगाकर चलते हैं और यह रोजाना का स्थित है और शाम का समय ऐसा हो जाता है कि लगता है कोलगेट का बुध बाजार भी फेल हो जाता है पैदल चलने वालों को भी दिक्कत होता है इसलिए अनपरा नगर पंचायत एवं स्थानीय प्रशासन ध्यान देते हुए जगह देखकर उनकी दुकान लगाए जिससे कि लोगों को दिक्कत का सामना करना ना पड़े।
