भारतीय शिक्षा प्रणाली में गुरुजनों के कर्तव्य की स्थिति

भारतीय शिक्षा प्रणाली में गुरुजनों के कर्तव्य की स्थिति।

वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश सरकार जिन विद्यालय में छात्रों की संख्या कम है उन्हें बंद कर रही है तथा उन्हें पड़ोस के विद्यालयों से जोड़ रहे हैं । आखिरी यह संकट क्यों आया अपने देश के लोग। अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालय मैं पढ़ते हैं उन्हें सरकारी विद्यालय से अच्छी शिक्षा प्राइवेट विद्यालय में जान पड़ती है जिसके कारण अपने बच्चों को नहीं बढ़ाना चाहते हैं इससे प्रमाणित होता है कि सरकारी विद्यालय में शिक्षक सही ढंग से नहीं पढ़ते हैं। यदि सरकारी विद्यालय के शिक्षक सही ढंग से पढ़ते तो अभिभावक अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालय में नहीं भेजते जिससे सरकारी विद्यालय में बच्चों की संख्या कम नहीं होती। जो विद्यालय सरकार का अधीन है इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए वर्तमान समय में बहुत से सरकारी विद्यालय में सरकार सेवानिवृत्ति शिक्षक को रख रही है जैसे कि अटल आवासीय विद्यालय ,जबकि बहुत नौजवान जो प्रशिक्षित हैं उन्हें इन विद्यालयों में रखना चाहिए जिससे इन प्रशिक्षित नौजवानों को रोजगार मिल जाती,तथा उन सेवा निवृत शिक्षकों को सामाजिक सुधार के लिए किसी संस्था में लगाए में लगाए जाते जिससे अपने परिवार या समाज को अपने ज्ञान एवं अनुभव का लाभ देते पूरे देश में एक तरह की शिक्षा दी जानी चाहिए क्षेत्रीयता के आधार पर उसे क्षेत्र के भाषा को उसे राज्य में पढ़ाया जाना चाहिए। सभी देशवासियों को अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय में पढ़ना चाहिए देश में दोहरी शिक्षा नीति के कारण है इस समय सरकारी विद्यालयों की दुर्दशा हो रही है जिस तरह से अटल आवासीय विद्यालय में सेवानिवृत शिक्षकों को रखा जा रहा है इस तरह से गवर्नमेंट के बहुत से विभाग हैं जैसे समाज कल्याण विभाग जिसमें सेवानिवृत व्यक्तियों को रखा जा रहा है इसके जगह नौजवानों को भर्ती किया जाए जिससे कि उन्हें रोजगार मिल सके।

डॉक्टर मृत्युंजय ठाकुर

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