इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का पर्व 10 जुलाई को मनाया जाएगा

इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का पर्व 10 जुलाई को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार हर वर्ष गुरु पूर्णिमा का त्योहार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा और वेद व्यास जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन देव-देवताओं, ऋषि-मुनियों और गुरु के पूजन करने का खास महत्व होता है। गुरु पूर्णिमा पर अपने माता-पिता और बड़े बुजर्गों का भी पूजन करते हुए आशीर्वाद लिया जाता है। गुरु पूर्णिमा पर स्नान, दान और मंत्रों का जाप करने से जीवन में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं गुरु पूर्णिमा का महत्व और इस दिन किए जाने वाले कुछ उपायों के बारे में।

गुरु पूर्णिमा का महत्व
हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा के त्योहार का विशेष महत्व होता है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि आखिरी होती है इसके बाद सावन माह शुरू हो जाता है। इस माह की पूर्णिमा विशेष रूप से गुरुओं को समर्पित होती है। शास्त्रों के अनुसार इसी तिथि पर महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। महर्षि वेद व्यास को प्रथम गुरु माना गया है और चारों वेदों को रचयिता गुरु वेदव्यास ने ही किया था। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वेद व्यास समेत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा और सम्मान देने से जीवन में हमेशा गुरु का आशीर्वाद मिलता है और जीवन खुशहाल रहता है। भगवान विष्णु के अंश वेदव्यासजी के बिना गुरु पूजा पूरी नहीं होती। इसलिए इस दिन प्रथम गुरु महर्षि वेदव्यास की पूजा करनी चाहिए।

गुरु पूर्णिमा के उपाय

गुरु का पूजन और चरण वंदना
गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु की प्रति भक्ति और श्रद्धा दिखाने का अवसर होता है। गुरु पूर्णिमा के दिन आप जिसे भी अपना गुरू मानते हैं उसके प्रति सम्मान दिखाते हुए उनका पूजन और चरण वंदना करें और गुरु के मंत्रों क जाप करें। अगर जिन लोगों के पास गुरू मौजूद नहीं हैं तो गुरु की तस्वीर को फूल अर्पित करते हुए तिलक और मिष्ठान का भोग लगाएं।

गुरु को उपहार भेंट करें
गुरु का दर्जा बहुत अधिक होता है। गुरु ही जीवन में आगे बढ़ने की राह दिखाता है। ऐसे में गुरु पूर्णिमा के दिन आप गुरु को वस्त्र, पादुका या उनके काम में आने वाली चीजें भेंट कर सकते हैं। हिंदू धर्म में माता-पिता को मनुष्य का प्रथम गुरु कहा गया है। इसलिए गुरु पूर्णिमा के दिन माता पिता को एक स्थान पर बैठाकर उनकी प्रदक्षिणा यानी परिक्रमा करें और उनके चरण स्पर्श करके उनका आशीर्वाद लें।
सत्यनारायण की कथा सुनें
गुरु पूर्णिमा के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजन और कथा सुनना बहुत ही लाभकारी बताया गया है। पूर्णिमा तिथि के दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा करवाने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद और देवी लक्ष्मी की कृपा भी मिलती है।गुरु पूर्णिमा के दिन पुराण अथवा गीता पढ़ने से अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक लाभ मिलता है। इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए।
देवगुरु बृहस्पति को अर्पित करें हल्दी
देवगुरु बृहस्पति को देवताओं का गुरु माना जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन घर की उत्तर-पूर्व को हल्दी मिले जल से साफ़ करके यहाँ घी का दीपक जरूर जलाएं।


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