राज्य के कुल्लू और कांगड़ा जिलों में बादल फटने की कई घटनाओं ने भीषण तबाही मचाई

राज्य के कुल्लू और कांगड़ा जिलों में बुधवार को बादल फटने की कई घटनाओं ने भीषण तबाही मचाई। कुल 5 स्थानों पर बादल फटने से नदियों और नालों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
अब तक 3 शव बरामद किए जा चुके हैं और 9 से अधिक लोग लापता हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
कुल्लू जिले के जिन क्षेत्रों में बादल फटे हैं, उनमें प्रमुख रूप से:
- जीवा नाला (सैंज घाटी)
- शिलागढ़ (गढ़सा घाटी)
- स्नो गैलरी (मनाली)
- होरनगढ़ (बंजार)
कुल्लू के कई क्षेत्रों में भारी तबाही
कुल्लू जिले के सैंज घाटी स्थित जीवा नाला, गढ़सा घाटी के शिलागढ़, मनाली की स्नो गैलरी, और बंजार के होरनगाड़ इलाके में बादल फटने की घटनाओं ने बड़ी तबाही मचाई है। इन क्षेत्रों में नालों के तेज बहाव से कई वाहन बह गए, सड़कें टूट गईं और कई घरों को नुकसान पहुंचा है। सैंज घाटी में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
कुल्लू जिले में भारी बारिश के चलते तीर्थन वैली, शांघड़, जीभी, शोजा, कसोल और सैंज घाटी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर 2,000 से ज्यादा टूरिस्ट फंस गए हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने बताया कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और उन्हें होटलों व होम स्टे में पहुंचा दिया गया है। सड़कों की मरम्मत के बाद प्रशासन सभी टूरिस्ट व्हीकल को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है।
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र:
- तीर्थन वैली
- शांघड़
- जीभी
- शोजा
- कसोल
- सैंज घाटी
जिला प्रशासन ने बताया कि सभी पर्यटक होटलों और होम स्टे में सुरक्षित हैं। सड़कों की बहाली का काम जारी है और आज कई पर्यटक वाहनों को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई गई है। बादल फटने और बाढ़ के चलते कुल्लू और कांगड़ा में अब तक 8 गाड़ियां बह गईं, 4 घरों को नुकसान, 1 स्कूल, 1 पटवार सर्कल, 1 गोशाला, 1 बिजली प्रोजेक्ट और 10 से ज्यादा छोटे पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं।
DC कुल्लू का बयान
कुल्लू के डीसी तोरुल एस. रवीश ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि”हाल ही में मनाली के ऊपरी इलाकों में बारिश हुई, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ गया। सैंज घाटी में बादल फटने से पांच घरों को नुकसान हुआ है और तीन लोग लापता हैं। राहत सामग्री प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई गई है। जिले के किसी अन्य हिस्से से अभी तक कोई अन्य SOS कॉल नहीं आई है।”
