2027 में दो चरणों में होगी जातिगत जनगणना, गृह मंत्रालय से अधिसूचना जारी

देश में लंबे इंतजार के बाद जनगणना की प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जा रहा है। यह प्रक्रिया हर दस सालों में आयोजित होती है, लेकिन 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोविड-19 के कारण स्थगित कर दी गई थी।
अब सरकार ने 2027 में जनगणना कराने का फैसला किया है और इसकी आधिकारिक अधिसूचना आज (16 जून) जारी की जाएगी। अधिसूचना के साथ ही देश की 16वीं जनगणना की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। आजादी के बाद यह आठवीं जनगणना होगी।
दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया
पहला चरण (मकान सूचीकरण व गणना)-इसमें प्रत्येक घर की भौतिक स्थिति, सुविधाएं, स्वामित्व और अन्य विवरण इकट्ठा किए जाएंगे।
दूसरा चरण (जनगणना)-हर घर में रहने वाले व्यक्तियों की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्र की जाएगी।
पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चलेगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होकर 1 मार्च की मध्यरात्रि तक पूरा होगा। हालांकि, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे बर्फीले क्षेत्रों में यह काम 1 अक्टूबर 2026 तक ही पूरा कर लिया जाएगा
पहली बार शामिल होगी जातिगत गणनाइस जनगणना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत की स्वतंत्रता के बाद पहली बार जाति आधारित गणना की जाएगी। इसके लिए जनगणना के प्रश्नावली में ‘जाति’ के लिए एक अलग कॉलम जोड़ा गया है। यह निर्णय उस लंबे राजनीतिक दबाव के बाद लिया गया है, जिसमें विपक्षी दलों जैसे कांग्रेस, आरजेडी और समाजवादी पार्टी ने जातिगत जनगणना की मांग की थी।35 लाख से अधिक कर्मचारी होंगे तैनातजनगणना 2027 के लिए सरकार द्वारा एक बड़ा अमला नियुक्त किया जाएगा। इस प्रक्रिया में करीब 34 लाख गणनाकर्मी और पर्यवेक्षक और 1.3 लाख जनगणना अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इस बार जनगणना डिजिटल प्लेटफॉर्म से की जाएगी, जिसके लिए एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही आम नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा(Self Enumeration) भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकें
गृह मंत्री ने की समीक्षा बैठकअधिसूचना जारी होने से पहले, रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में गृह सचिव गोविंद मोहन, रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। उन्होंने जनगणना तैयारियों और क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की ।
