अफगानिस्तान वायुसेना के 7 हेलीकॉप्टर चोरी हुए, तालिबान के हाथों कौन सौंप गया?

पिछले साढ़े तीन साल से अफगानिस्तान में सत्ता में काबिज तालिबान के लिए एक बड़ा झटका देने वाली घटना सामने आई है। तालिबान के नियंत्रण में मौजूद सात ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर चोरी हो गए हैं।यूएच-60ए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को उज्बेकिस्तान ने अमेरिका को सौंप दिया है।
ये हेलीकॉप्टर अफगानिस्तान वायुसेना के बेड़े का हिस्सा थे। लेकिन अब इनके हाथ से निकल जाने से तालिबान गुस्से में है। तालिबान ने उज्बेकिस्तान और अमेरिका को धमकी दी है और दावा किया है कि ये हेलीकॉप्टर अफगानिस्तान की संपत्ति हैं, इसलिए इन्हें वापस लौटाया जाए।
लगभग 20 वर्षों तक अफगानिस्तान पर नियंत्रण रखने के बाद, 2021 में अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान से पूरी तरह से वापसी कर ली थी। इसके बाद तालिबान ने दोबारा सत्ता पर कब्जा कर लिया और अमेरिका समर्थित अफगान सरकार गिर गई थी। इस सरकार के गिरने के बाद, पायलटों ने देश से भागने के लिए इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया था। तभी से ये हेलीकॉप्टर उज्बेकिस्तान में थे।
यूएच-60ए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हेलीकॉप्टरों में शामिल हैं। इनका उपयोग खाड़ी युद्ध, सोमाली युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध में किया गया था। इनकी मजबूत बनावट और बहुपयोगी क्षमताओं के कारण दुनिया भर की सेनाएं इन्हें खरीदने की इच्छुक रहती हैं।
इन सात हेलीकॉप्टरों का सौंपा जाना मध्य एशिया की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों का एक उदाहरण है। अब इन हेलीकॉप्टरों के जरिए अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत को और अधिक मजबूत करने में सक्षम होगा। लेकिन तालिबान के नेतृत्व वाले अफगान रक्षा मंत्रालय ने इस सौदे पर नाराजगी जताई है। तालिबान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि इस्लामिक अमीरात इस मामले को लेकर चिंतित है, क्योंकि ये हेलीकॉप्टर अफगानिस्तान के थे और पिछली सरकार उज्बेकिस्तान भागते समय इन्हें अपने साथ ले गई थी। किसी भी परिस्थिति में अमेरिका को इनका हस्तांतरण स्वीकार्य नहीं है, ऐसा तालिबान ने कहा है।
गौरतलब है कि अगस्त 2021 में अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपनी सेना पूरी तरह हटा ली थी। जब अमेरिकी सेना वापस जा रही थी, तब उन्होंने अपने कई हथियार और सैन्य वाहन अफगानिस्तान में ही छोड़ दिए थे। इनमें से अधिकतर हथियार तालिबान के हाथ लग गए थे।
