पंजाब दे के अध्यक्ष अमृतपाल सिंह ने पंजाब और हरियाणा हाईकोट में याचिका दायर की,गणतंत्र दिवस परेड का जिक्र कर की ये बड़ी मांग

अकाली दल वारिस पंजाब दे के अध्यक्ष अमृतपाल सिंह ने पंजाब और हरियाणा हाईकोट में याचिका दायर की है. उन्होंने अपनी याचिका के जरिए हाईकोर्ट से गणतंत्र दिवस परेड और संसद सत्र में भाग लेने की इजाजत देने की मांग की है.साथ ही ये भी कहा है कि एक सांसद होने के नाते यह उनका हक है.
पंजाब के खडूर साबिह संसदीय क्षेत्र से सांसद अमृतपाल ने अपनी याचिका को न्याय, समानता और जनहित का मामला बताया है. अमृतपाल सिंह वर्तमान में असम के डिब्रूगढ़ जेल में एनएसए के तहत बंद हैं.
कौन हैं अमृतपाल सिंह?
अमृतपाल सिंह फिलहाल सांसद भी हैं. एक दशक तक दुबई में रहने के बाद वह पंजाब लौट आए थे. उन्होंने वारिस पंजाब दे अभियान के तहत पंजाब के युवाओं को नशीली दवाओं से दूर रहने, सिख धर्म के वसूलों पर चलने और पंजाब को अलग नेशन स्टेट के रूप में स्थापित करने के लिए प्रेरित किया. पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में अकाली दल का समर्थन किया.
इस बीच वारिस पंजाब दे अभियान के तहत 23 फरवरी 2023 को पंजाब के अजनाला में संगठन के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़पों की वजह से अमृतपाल सिंह विवाद में आ गए. 23 अप्रैल 2023 को पंजाब के मोगा जिले के रोडे गांव से अमृतपाल को जांच एजेंसी के अधिकारियों ने गिरफ्तार लिया गया. पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ एनएसए की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया. उसके बाद से वह असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं.
जेल में रहते हुए दर्ज की जीत
लोकसभा चुनाव साल 2024 का चुनाव वारिस पंजाब दे के नेता अमृतपाल सिंह ने एनएसए के आरोपों में डिब्रूगढ़ जेल में रहते हुए लड़ा था. वह खडूर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से लगभग 2 लाख मतों से चुनाव जीते. अमृतपाल सिंह ने शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के समर्थन से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था.
दरअसल, पंजाब पुलिस ने अलगाववादी नेता अमृतपाल सिंह के खिलाफ हाई-प्रोफाइल हत्या मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज है. अमृतपाल पर दिवंगत अभिनेता दीप सिद्धू के करीबी सहयोगी गुरप्रीत सिंह की हत्या का आरोप है.
बता दें कि वारिस पंजाब दे के गठन में शामिल रहे यू-ट्यूबर गुरप्रीत सिंह की 9 अक्टूबर 2024 को हरिनो गांव में गोली मारकर हत्या हुई थी. उन्हें उस समय गोली मारी गई, जब वे अपने दोपहिया वाहन पर गुरुद्वारे से घर लौट रहे थे.
