गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो भारत के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे

गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो भारत के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी, क्योंकि वे अक्टूबर 2024 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति चुने गए हैं।राष्ट्रपति सुबियांतो 25 और 26 जनवरी को भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। गणतंत्र दिवस की भव्य परेड में वे नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस यात्रा के दौरान, वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बातचीत के केंद्र में आपसी सहयोग, रक्षा क्षेत्र के समझौते और वैश्विक मुद्दे होंगे।
भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की यह यात्रा दोनों देशों के लिए खास महत्व रखती है। यह रणनीतिक साझेदारी और रक्षा सहयोग को और सशक्त करेगी।
दो दिवसीय दौरा
राष्ट्रपति सुबियांतो 25-26 जनवरी को भारत दौरे पर आएंगे। वे प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे और व्यापार, सुरक्षा व सामरिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। यह दौरा भारत-इंडोनेशिया रिश्तों को और मजबूत बनाने का अवसर होगा।
भारत और इंडोनेशिया के पुराने रिश्ते
भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते बहुत पुराने और मजबूत हैं। दोनों देशों ने अपने रिश्तों को “समग्र रणनीतिक साझेदारी” कहा है। भारत की “एक्ट ईस्ट” नीति में इंडोनेशिया का बड़ा योगदान है। दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक संबंध बहुत गहरे हैं, जो इनके सहयोग को और मजबूत बनाते हैं।
रक्षा क्षेत्र में सहयोग
इस यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा समझौते होने की संभावना है। ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति को लेकर बातचीत चल रही है। यह डील करीब 45 करोड़ डॉलर की हो सकती है। ब्रह्मोस मिसाइल भारत में रूस की तकनीकी मदद से बनाई जाती है।
मजबूत साझेदारी का संकेत
राष्ट्रपति सुबियांतो की भारत यात्रा, दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाएगी। उनकी उपस्थिति भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सहयोग का प्रतीक होगी। गणतंत्र दिवस पर उनकी उपस्थिति भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर है।
