Wayanad:2 लाख वोटों से आगे चल रही Priyanka Gandhi

केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के परिणाम आज घोषित होंगे, और इस सीट पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के उम्मीदवार होने के कारण चुनावी नतीजे काफी अहमियत रखते हैं।


प्रियंका गांधी का यहां मुकाबला बीजेपी की नव्या हरिदास और वाम मोर्चा (CPI) के सत्यन मोकेरी से है। इस सीट पर मतदान की काउंटिंग जारी है, और शुरुआती रुझानों में प्रियंका गांधी को बढ़त मिलती दिख रही है।राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी वायनाड वायनाड लोकसभा सीट पहले राहुल गांधी के नाम पर थी। उन्होंने 2019 में इस सीट से जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उन्होंने संसद से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण यह सीट खाली हो गई। राहुल गांधी ने दोनों सीटों, वायनाड और रायबरेली से लोकसभा चुनाव लड़ा था और दोनों जगह से जीत प्राप्त की थी। लेकिन बाद में उन्होंने वायनाड सीट को छोड़ने का निर्णय लिया। राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस को इस सीट की अहमियत और यहां के मतदाताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए एक मजबूत उम्मीदवार की जरूरत थी। इस लिहाज से कांग्रेस ने प्रियंका गांधी वाड्रा को वायनाड उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया। प्रियंका गांधी का यहां उतरना कांग्रेस के लिए न सिर्फ राजनीतिक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह एक संदेश भी है कि पार्टी इस सीट पर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहती

प्रियंका गांधी को उम्मीदवार बनाने के पीछे की रणनीति कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को वायनाड सीट से उम्मीदवार बनाने के फैसले को रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना है। राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के लिए यह सीट नाक का सवाल बन गई थी, क्योंकि यह सीट पार्टी की परंपरागत रूप से मजबूत सीटों में गिनी जाती है। प्रियंका गांधी को उम्मीदवार बनाने का मकसद वायनाड के मतदाताओं में कांग्रेस के प्रति विश्वास को और मजबूत करना था, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना था कि पार्टी इस सीट को खोने न पाए। प्रियंका गांधी का वायनाड में उतरना न केवल उनकी राजनीतिक पहचान को और मजबूती देता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि कांग्रेस इस चुनावी क्षेत्र में भविष्य में और भी मजबूत स्थिति में आना चाहती है।

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