मणिपुर: पहले गोलीबारी फिर ड्रोन बमों से हमला

मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में एक गांव में खाली पड़े पांच घरों में संदिग्ध उग्रवादियों ने आग लगा दी जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उनका पीछा किया. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रविवार दोपहर से ही उग्रवादी ऊंची पर्वतीय चोटियों से निचले, घाटी के कौत्रुक एवं पास के कदंगबंद में लगातार गोलीबारी कर रहे थे और कौत्रुक गांव के बाहरी इलाके तक पहुंचने में सफल रहे थे.पुलिस के अधिकारी ने बताया, उग्रवादियों ने खाली पड़े पांच घरों में आग लगा दी. रविवार को दोपहर ढाई बजे शुरू हुई गोलीबारी और बम हमले के बाद निवासी अपने मकान छोड़कर चले गए थे. रविवार रात सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों को खदेड़ दिया. संदिग्ध उग्रवादियों ने एक सितंबर को क्षेत्र में लोगों पर हमला शुरू किया था जिसमें एक महिला समेत दो लोग मारे गए और नौ अन्य घायल हो गए.
हमले में ड्रोन का इस्तेमाल
पुलिस ने बताया कि रविवार को संदिग्ध उग्रवादियों के हमले के कारण निवासियों के बीच दहशत फैल गई, जिसकी वजह से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर शरण लेनी पड़ी. मणिपुर पुलिस ने दावा किया कि हमले में रॉकेट चालित ग्रेनेड (आरपीजी) और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है.इंफाल पश्चिम के कौत्रुक में एक अभूतपूर्व हमले में कथित उग्रवादियों ने उच्च तकनीक वाले ड्रोन का उपयोग कर कई आरपीजी दागे, जबकि ड्रोन बमों का इस्तेमाल आम तौर पर सामान्य युद्ध में किया जाता रहा है. सुरक्षा बलों और नागरिकों को निशाना बनाने के उद्देश्य से विस्फोटकों के इस्तेमाल के लिए ड्रोन की यह हालिया तैनाती उग्रवादियों की ताकत में महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाती है.
शांति बनाए रखने की अपील
बयान में कहा गया है कि तकनीकी विशेषज्ञता वाले उच्च प्रशिक्षित पेशेवरों की संलिप्तता एवं सहयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. बयान के अनुसार, अधिकारी स्थिति पर करीब से निगरानी कर रहे हैं और पुलिस किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. राज्य सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. बयान में कहा गया है, किसी भी विरोधी, शत्रुतापूर्ण तत्व को बाहर निकालने के लिए तलाशी अभियान जारी है.
