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गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा भारतीय तटरक्षक बल के लिए निर्मित 2,500 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रदूषण नियंत्रण पोत का हाल ही में उद्घाटन किया गया। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने समुद्री सुरक्षा के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डाला।केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गोवा के वास्को में आयोजित एक समारोह में प्रदूषण नियंत्रण पोत, जीएसएल यार्ड 1267 का उद्घाटन किया। सेठ ने पत्रकारों से कहा कि ये जहाज 72 प्रतिशत ‘आत्मनिर्भर’ है और इसमें तटीय प्रदूषण से लड़ने की क्षमता है।

नये जहाज का महत्व

सेठ ने इस बात पर जोर दिया कि यह जहाज भारतीय तटरक्षक बल के लिए एक मूल्यवान संपत्ति होगी, जो अवांछित तत्वों से तटों की सुरक्षा के लिए गश्त करता है। उन्होंने कहा कि रक्षा राज्य मंत्री के रूप में अपने पिछले 85 दिनों के दौरान कि उन्होंने हमारे बलों को समझने में काफी समय बिताया।

उन्होंने कहा कि हमारी सेनाओं के बारे में जानने के बाद, मैं कह सकता हूं कि भारतीय रक्षा क्षेत्र मजबूत है।” उन्होंने इस प्रदूषण नियंत्रण वाहन के प्रक्षेपण को भारत के समुद्री पर्यावरण की रक्षा और तेल प्रदूषण को कम करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

प्रौद्योगिकी प्रगति

सेठ ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह पोत समुद्री जीवन को संरक्षित करने में अहम भूमिका निभाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि यह उपलब्धि भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनने की दिशा में प्रगति को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमारा भारतीय तटरक्षक बल दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक है, और यह पोत इसकी क्षमताओं को और बढ़ाएगा।” पोत के जलावतरण में भारतीय तटरक्षक बल के महानिरीक्षक भीष्म शर्मा, तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम) के कमांडर संजीव कुमार, रक्षा उत्पादन सचिव और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

नए पोत की उन्नत विशेषताओं से तटीय प्रदूषण से प्रभावी ढंग से निपटने में भारत की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह विकास समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने में एक और मील का पत्थर है।

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