Up के बहराइच में भेड़िए का आतंक,एक महिला समेत 08 मासूम आदमखोर भेड़ियों के शिकार बन चुके

Up के बहराइच में भेड़िए का आतंक है. खबरें आ रही हैं कि एक महिला समेत 08 मासूम आदमखोर भेड़ियों के शिकार बन चुके हैं. ऐसे में एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या भेड़िया वाकई आदमखोर हो सकता है.
दुनियाभर में भेड़ियों पर हुए अध्ययन और रिपोर्ट क्या कहते हैं. क्यों रिपोर्ट्स ये कहती हैं कि भेड़िए द्वारा मनुष्य पर हमला करने से जुड़े जोखिम बहुत कम होते हैं. हालांकि उनके शिकार बच्चे हो सकते हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स ये भी कहते हैं कि एक बार अगर इनको बच्चों के शिकार के बाद उसकी खून की लत लग गई तो ये आदमखोर भी हो जाते हैं. यूपी में कई बार इस तरह के मामले हुए हैं.
इंटरनेशनल वूल्फ सेंटर की नई रिपोर्ट कहती है कि भेड़िये द्वारा मनुष्य पर हमला करने से जुड़े जोखिम ‘शून्य से ऊपर हैं. 2002 से 2020 के बीच शोधकर्ताओं ने दुनियाभर में 26 घातक हमले पाए. इनमें 14 रेबीज़ के कारण थे.
क्या भेड़िये इंसानों के लिए ख़तरनाक हैं? 2002 से 2020 तक के विश्वव्यापी डेटा का अध्ययन करने वाले नवीनतम शोध के अनुसार, भेड़िये के हमले से जुड़े जोखिम “शून्य से बेशक ऊपर हैं, लेकिन गणना करने के लिहाज से बहुत कम हैं.”
रेबीज़ की भूमिका
अधिकांश हमलों में रेबीज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मतलब ये कि हमला करने वाले ज्यादातर भेड़िए पागल थे और रेबीज के शिकार थे. तुर्की में 12 घातक हमले हुए, जिनमें से 75 प्रतिशत हमले पागल भेड़ियों के कारण हुए. 2005 के हमले में, एक 22 वर्षीय पुरुष को एक दूरदराज के खनन शिविर के पास मार दिया गया. शिविर में एक खुला कचरा डंप था जहां भेड़िये अक्सर आते थे, जिन्हें मनुष्यों से कोई डर नहीं था.
उनके शिकार बच्चे हो सकते हैं
एटूजेड़ एनिमल्स डॉट कॉम नाम की साइट कहती है दूसरे खतरनाक जानवरों की तुलना में भेड़िये शायद ही कभी लोगों को मारते हैं. अपनी शिकारी क्षमता और आकार के कारण, भेड़िये सबसे कम खतरनाक मांसाहारी जानवरों में हैं. हालांकि नर भेड़ियों को मादाओं की तुलना में अधिक आक्रामक माना जाता है. वे शिकार के अलावा कई अन्य कारणों से भी हमला कर सकते हैं.
बड़े शिकारी जानवरों की तुलना में, भेड़िये काफी छोटे होते हैं. उनके पंजे भी भालू और शेरों सरीखे ताकतवर नहीं होते. भेड़िये सामाजिक जानवर हैं जो झुंड में रहते हैं. वो आमतौर पर अकेले रहने वाले जानवर नहीं होते. स्वस्थ भेड़िये बहुत कम ही लोगों पर शिकारी तरीके से हमला करते हैं. यूपी में हर साल ही भेड़ियों के आतंक की खबरें आती रहती हैं.
तब भेड़िए ने 5 महीनों में 33 बच्चों को उठाया
इसमें सबसे भयानक हमले यूपी में 1996 में हुए थे जब भेड़ियों ने पाँच महीनों में 33 बच्चों को उठा लिया था. 20 अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया. हज़ारों ग्रामीण और पुलिस अधिकारी भेड़ियों के शिकार पर निकले. वो केवल 10 जानवरों को ही मार पाए. इसने काफी आतंक पैदा कर दिया था. भारतीय भेड़ियों का बच्चों को शिकार बनाने का इतिहास रहा है. इसलिए इसे “बच्चा चोर” भी कहा जाता है.
