यूपी में ज्योति की तरह एक और महिला अफसर बनते ही अपने पति को ठुकराया मजदूरी कर पढ़ाया लिखाया

एक महिला ने लेखपाल की परीक्षा पास करने के बाद अपने पति को छोड़ दिया। हैरान कर देने वाला यह मामला यूपी के झांसी से सामने आया है। पति ने बताया कि वे कारपेंटर का काम करता है इसलिए उसकी पत्नी उससे नाता तोड़ लिया है।बता दें कि युवक ने महिला ने 2 साल पहले प्रेम विवाह किया था। अब जब वह लेखपाल बन गई है तो वह उससे अलग हो गई है।
झांसी के कलेक्टर सभागार में बुधवार को डीएम नवनियुक्त लेखपालों को नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। तभी सभागार के बाहर नीरज विश्वकर्मा नामक युवक अपनी पत्नी ऋचा सोनी को ढूंढते हुए वहां पहुंच गया। नीरज ने बताया कि दोनों की मुलाकात 5 साल पहले उनके एक दोस्त ने कराई थी। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। इसके बाद फरवरी 2022 में दोनों ने शादी कर ली। दोनों एक-दूसरे से इतना प्यार करते थे कि शादी के बाद भी एक-दूसरे के बिना नहीं रह पाते थे।
नीरज ने बताया कि वह पेशे से कारपेंटर का काम करता है। इसके बावजूद उसने ऋचा को लेखपाल परीक्षा की तैयारी करवाई और कोचिंग की फीस भरी। 2022 में जब लेखपाल की भर्ती निकली तो खुद ही बीवी का फाॅर्म भरा था। साल 2023 में इसकी परीक्षा हुई और ऋचा ने परीक्षा पास कर ली। उसके परीक्षा में पास होने के बाद खुशी की लहर दौड़ पड़ी। सब कुछ ठीक चल रहा था।
जनवरी 2024 में ऋचा एक दिन घर से काॅलेज जाने का कहकर निकली और फिर कभी वापस नहीं लौटी। वह उसकी तलाश में ससुराल तक पहुंचा लेकिन सास-ससुर ने उसके वहां नहीं होने का कहकर उसे वापस भेज दिया। इसके बाद उसने थाने में पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बाद पुलिस ने ऋचा को कुछ ही घंटों में ढूंढ लिया। पुलिस ने ऋचा के थाने में होने की सूचना नीरज को दी तो वह भागता हुआ थाने पहुंचा। इसके बाद ऋचा ने जो कहा उसे सुनकर उसके पांवों तले जमीन खिसक गई। ऋचा ने कहा कि वह लेखपाल बन गई है। जबकि पति कारपेंटर का काम करता है। ऐसे में दोनों का कोई मेल नहीं है।
नीरज ने बताया कि लेखपाल बनने के बाद पत्नी ने उससे बातचीत बंद कर दी। बुधवार को जब उसे जानकारी हुई कि ऋचा लेखपाल का प्रमाण पत्र लेने कलेक्टर सभागार पहुंची है तो वह भी उसकी तलाश में सभागार पहुंचा लेकिन वह मुख्य गेट बीवी का इंतजार करता रह गया क्योंकि उसकी पत्नी ऋचा पहले ही बैकडोर से जा चुकी थी।
