पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश में खूब आतंकी हमले होते थे और निर्दोश लोग मारे जाते थे आज हमारा देश अपने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए मंगलवार को कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश में खूब आतंकी हमले होते थे और निर्दोश लोग मारे जाते थे।
लेकिन आज हमारा देश अपने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारता है। उन्होंने धारा 370 को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि जब 370 लागू था तब भारत का संविधान कश्मीर में लागू नहीं होता था।
पीएम मोदी ने कहा, “2014 के पहले वो भी एक वक्त था जब आतंकी आकर के जी चाहें वहां, जब चाहे वहां हमला कर सकते थे। उस समय 2014 से पहले निर्दोश लोग मारे जाते थे। हिंदुस्तान के कोने-कोने को निशाना बनाया जाता था और सरकारें चुपचाप बैठी रहती थीं। मुंह तक खोलने को तैयार नहीं थीं। आज 2014 के बाद का हिंदुस्तान घर में घुसकर मारता है।
पीएम मोदी ने आगे कहा, “आज का हिंदुस्तान सर्जिकल स्ट्राइक करता है। एयर स्ट्राइक करता है और आतंकवाद के आकाओं को भी सबक सिखाने का सामर्थ्य दिखा दिया है।” उन्होंने कहा कि आज देश का एक-एक नागरिक जानता है कि अपनी सुरक्षा के लिए भारत कुछ भी कर सकता है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि जनता ने हमें चुना है और मैं कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकता हूं कि लगातार झूठ चलाने के बावजूद उनकी घोर पराजय हुई।
विपक्ष के हंगामे के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा चुनाव अभियान था, उसमें देश की जनता ने हमें तीसरी बार देश की सेवा करने का मौका दिया है, यह लोकतांत्रिक विश्व के लिए गौरवपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, यह इस चुनाव में हमारे लिए आशीर्वाद का कारण बना।
इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मु ने 18वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद के पहले संयुक्त अधिवेशन में 27 जून को अभिभाषण दिया था। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण संबंधी धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनुराग ठाकुर ने की थी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को चर्चा में भाग लेते हुए सरकार पर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने भाजपा पर देश में हिंसा, नफरत तथा डर फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि ‘ये लोग हिंदू नहीं हैं’। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार तरीके से विरोध जताया था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना बहुत गंभीर विषय है। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि हिंदू कभी हिंसा नहीं कर सकता, कभी नफरत और डर नहीं फैला सकता।
