ममता बनर्जी ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, कहा- पुरानी व्यवस्था लागू हो और NEET…

नीट (यूजी) पेपर लीक मामले को लेकर देश का सियासी पारा काफी गर्माया हुआ है. विपक्षी पार्टियां लगातार केंद्र की ‘मोदी सरकार’ पर निशाना साध रही हैं. इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखकर आग्रह किया है.सीएम ममता ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख आग्रह किया कि ‘पेपर लीक’ विवाद को देखते हुए नीट (Abolish NEET) को खत्म करने और राज्यों द्वारा परीक्षा आयोजित करने की पुरानी प्रणाली बहाल करने पर विचार किया जाए.
मेडिकल फील्ड से नीट को खत्म करें सरकार
पीएम मोदी को लिखे पत्र में ममता बनर्जी ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की. उन्होंने कहा, मैं आपसे आग्रह करती हूं…कि आप इस पर विचार करें और राज्य सरकारों द्वारा इस परीक्षा को आयोजित करने की पुरानी प्रणाली को बहाल करने तथा नीट को खत्म करने के लिए तत्काल कदम उठाएं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, इस कदम से स्थिति को सामान्य करने में मदद मिलेगी और छात्रों में विश्वास भी बढ़ेगा.
दो पन्नों के पत्र में ममता ने और क्या-क्या लिखा?
दो पन्नों के पत्र में ममता बनर्जी ने पेपर लीक के आरोपों, एग्जाम के संचालन में शामिल अधिकारियों और कुछ लोगों द्वारा रिश्वत लेने, कुछ छात्रों को परीक्षा के लिए आवेदन करने की सुविधा देने के वास्ते वेब पोर्टल को दोबारा खोलने….जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि ये ‘गंभीर मुद्दे’ हैं जिनपर गौर करने और गहन तथा निष्पक्ष जांच की जरूरत है.
इलाज की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ रहा है
ममता बनर्जी ने कहा कि ये घटनाक्रम ‘न केवल देश में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को कमतर करते हैं, बल्कि देश में चिकित्सा सुविधाओं/उपचार की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं.’ उन्होंने कहा कि केंद्र के साथ-साथ राज्यों की अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की पूर्ववर्ती व्यवस्था सुचारु रूप से और बिना किसी बाधा के काम कर रही थी.
