रोजगार सेवक निकला करोड़ों का मालिक, गाँवों में चर्चा का विषय

रोजगार सेवक निकला करोड़ों का मालिक, गाँवों में चर्चा का विषय।

●लोगों ने खड़ा किया अधिकारियों के ऊपर प्रश्नचिन्ह आखिर अधिकारी क्यों नहीं करते दोषी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही।

राजेश तिवारी (संवाददाता)
कोन/सोनभद्र – विकास खंड – कोन अंतर्गत ग्राम पंचायत मिटीहिनिया में ग्राम रोजगार सेवक प्रफुल्ल कुमार द्वारा आवास प्राप्त ग्रामीणों से जि.ओ. टैगिंग के नाम पर लगभग 2 दर्जन से ज्यादा व्यक्तियों से धन उगाही करने का मामला प्रकाश में आया है। जहां ग्रामीणों ने बताया कि हमलोगों से आवास कैंसिल कराने की धमकी देते थे जिसके डर से गरीबी की स्थिति में कर्ज लेकर, या कुछ बेच कर रोजगार सेवक को देना पड़ा पैसा । इस सम्बंध में गांव के लोगों से लगभग 125000 से ज्यादा अवैध तरीके से धन की उगाही की गई। जिसका ग्रामीणों ने लिखित देकर जांच की गुहार लगायी है। गांव में ऐसे भी आवास धारकों को धन लेकर भुगतान के लिए जी.ओ टैंगिंग रिपोर्ट ग्राम रोजगार सेवक द्वारा लगा दिया गया जिनके आवास से सम्बन्धित नीव तक नही खोदी गयीं। और किसी का नीव भर कर छोड़ दिया गया। यदि निष्पक्ष जांच की जाय तो खुलासा विकास की कमर तोड़ देगी। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी ग्रामीणों से पैसे आवास के नाम पर वसूली कि गयीं थी। जिसकी शिकायत पर रोजगार सेवक द्वारा जिससे जितने पैसे लिए गए थे। उन लोगों के घरों के आंगन में बाहर से उतने पैसे बंडल बना कर फेक दिए गए थे। पुनः क्रियाएं देख क्या कहा जाय यह क्रिया रुकने का नाम नही लिया। बताया जा रहा है कि प्रफुल्ल कुमार की घर की दयनीय स्थिति रोजगार सेवक पद पर आने से पहले बहुत अच्छी नही थी। परन्तु आज करोड़ों के मालिक है रोजगार सेवक जिसका विभागीय अधिकारियों से गहरी पैठ है। और अधिकारी भी बचाने के फिराक में लगे हुए है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महोदय का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल रोजगार सेवक को बर्खास्त किया जाय नहीं तो इन्हें अरबपति बनने में देर नही लगेगी।
इस सम्बंध में उपरोक्त तथ्यों की पुष्टि ग्राम प्रधान मिटीहिनिया ने की ।

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