छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में मंगलवार 16 अप्रैल को मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए. पिछले तीन दशकों से अधिक समय से इस समस्या से जूझ रहे छत्तीसगढ़ में यह पहली बार है कि जब सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों को मार गिराया.मारे गए 29 नक्सलियों में से 15 की महिलाएं होना बड़ी बात है. भीषण गोलीबारी में तीन सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए थे और मौके से बड़ी मात्रा में हथियार जब्त किए गए थे.

माओवादियों की उत्तर बस्तर ‘डिवीजन कमेटी’ के लिए सुरक्षित पनाहगाह

मुठभेड़ कांकेर, नारायणपुर (छत्तीसगढ़ में) और गढ़चिरौली (महाराष्ट्र से सटे) के त्रिकोणीय स्थान पर हुई . इस जगह को माओवादियों की उत्तर बस्तर ‘डिवीजन कमेटी’ के लिए सुरक्षित पनाहगाह माना जाता. उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी में लगभग 70 से 80 नक्सली हैं, जिसमें माओवादियों की चार क्षेत्र समितियां हैं रावघाट, परतापुर, कुवे और किसकोड़ो शामिल हैं.

भाजपा कार्यकर्ता की हत्या

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता गांव के उपसरपंच पंचमदास की हत्या कर दी था. पिछले एक साल में नक्सलियों द्वारा किसी भाजपा नेता या सदस्य की यह नौवीं हत्या है. नारायणपुर जिला बस्तर लोकसभा क्षेत्र में आता है जहां 19 अप्रैल को मतदान होगा. 19 अप्रैल को पहले चरण में बस्तर में मतदान होगा.

मुठभेड़ के बाद पसरा सन्नाटा

नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के हिदुर और कल्पर गांव के जंगल में मुठभेड़ के बाद अब सन्नाटा पसरा हुआ है. घटना के बाद ग्रामीण अपनी दिनचर्या में व्यस्त हैं लेकिन अनजान लोगों को देखकर कुछ भी बोलने से हिचक रहे हैं. गांवों के करीब बांस की झाड़ियों से घिरी पहाड़ियों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. यहां पेड़ों पर खून के धब्बे और गोलियों के निशान नक्सल विरोधी अभियान की तीव्रता को बयान कर रहे हैं. मुठभेड़ वाली जगह के नजदीक के गांवों में ज्यादातर स्थानीय आदिवासी महिलाएं देखी गईं. वह अपनी रोजमर्रा के कामों में व्यस्त हैं लेकिन मंगलवार की दोपहर पहाड़ी पर क्या हुआ पूछने पर वह कुछ भी बोलने से हिचक रहे हैं.

Above Reporter Photo
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