चर्चित क्रिकेटर जो IPL में खेले बेहद कम मैच, एक तो फिक्सिंग में हुआ था बैन

इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL अपनी भारीभरकम प्राइज मनी के साथ-साथ कई सेलिब्रिटीज और बॉलीवुड हस्तियों के मौजूदगी से लगे ग्लैमर के तड़के के कारण भी दुनियाभर में लोकप्रिय है.
भारत की इस क्रिकेट लीग में जहां एमएस धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा, किरेन पोलार्ड, एबी डिविलियर्स, डेविड वॉर्नर और सुनील नरेन जैसे प्लेयर ने 150 से अधिक मैच खेले हैं, वहीं चर्चित नाम वाले कुछ ऐसे क्रिकेटर भी हैं जो महज उपस्थिति दर्ज कराकर ही IPL परिदृश्य से ओझल हो गए. फ्रेंचाइजी की उम्मीदों पर खरा न उतर पाना या करियर के अंतिम पड़ाव पर इस लीग में खेलने के मौका मिलना इसका प्रमुख कारण रहा. नजर डालते हैं उन प्रमुख प्लेयर्स पर जो आईपीएल में चंद मैच ही खेल सके…
रोहन गावस्कर : क्रिकेटर के तौर पर रोहन गावस्कर (Rohan Gavaskar) के इंटरनेशनल रिकॉर्ड साधारण हैं लेकिन महान सुनील गावस्कर का बेटा होने के कारण वे हमेशा चर्चा में रहे. ‘सनी’ का बेटा होने के कारण अच्छे प्रदर्शन की भारीभरकम अपेक्षाओं का दबाव भी उन्होंने झेला. भारत के लिए 11 वनडे मैच खेलने वाले रोहन, आईपीएल के 2010 सीजन में कोलकाता नाइटराइडर्स टीम का हिस्सा थे. वे महज दो मैच ही खेल पाए और केवल 2 रन उनके खाते में दर्ज हैं. कमजोर प्रदर्शन के बाद वे आगे इस टूर्नामेंट में नहीं खेल सके.
डेमियन मार्टिन : ऑस्ट्रेलिया के डेमियन मार्टिन (Damien Martyn) वर्ष 1999 और 2003 की वर्ल्डकप चैंपियन टीम का हिस्सा रहे हैं. शॉर्टर फॉर्मेट के बेहतरीन बैटर मार्टिन ने 208 ODI में 40.80 के औसत से 5346 रन बनाए जिसमें 5 शतक शामिल हैं. 2003 के वर्ल्डकप के फाइनल में भारत के खिलाफ भी उन्होंने 88 रन की जोरदार पारी खेली थी. इसके बावजूद मार्टिन की आईपीएल में ‘पारी’ बेहद छोटी रही. 2010 के सीजन में राजस्थान रॉयल्स टीम की ओर से उन्होंने महज एक मैच खेला, इसमें उन्होंने 19 रन बनाए थे.
यूनुस खान : पाकिस्तान के यूनुस खान (Younis Khan) की पहचान टेस्ट क्रिकेट के बेहतरीन बैटरों में होती है. 118 मैचों में 52.05 के औसत से बनाने वाले यूनुस टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार से अधिक रन बनाने वाले पाकिस्तान के इकलौते बैटर हैं. आईपीएल के 2008 के शुरुआती सीजन में ही पाकिस्तान के क्रिकेटर खेले हैं. इसके बाद वे नीलामी का हिस्सा नहीं रहे. आईपीएल 2008 में यूनुस को राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा था लेकिन वे एक मैच में ही प्लेइंग XI का हिस्सा रहे. इस मैच में सात गेंदें खेलकर वे 3 रन बना सके थे. इस कमजोर प्रदर्शन के बाद टीम के आगे के मैचों में उन्हें नहीं खिलाया गया.
ब्रेड हेडिन : यूनुस खान से उलट ब्रेड ऑस्ट्रेलिया के ब्रेड हेडिन (Brad Haddin) टेस्ट की तुलना में वनडे/टी20 के अच्छे बैटर माने जाते थे. वनडे में उनका स्ट्राइक रेट 84.24 और टी20I में 114.52 का रहा. आईपीएल 2011 में कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम ने उन्हें अपने साथ जोड़ा था लेकिन वे एक मैच ही खेल सके. आरसीबी के खिलाफ इस मैच में हेडिन ने 163.64 के स्ट्राइक रेट से 11 गेंदों पर 18 रन बनाए थे लेकिन इसके बाद टूर्नामेंट में कोई मैच नहीं खेल सके.
मशरफे मुर्तजा : बांग्लादेश के कप्तान रहे मशरफे मुर्तजा (Mashrafe Mortaza) को शॉर्टर फॉर्मेट का अच्छा प्लेयर माना जाता था. गेंदबाज के तौर पर बेहद चतुर मशरफे लोअर ऑर्डर के धाकड़ बैटर भी थे लेकिन आईपीएल में उनके सफर पर महज 1 मैच के बाद फुलस्टाप लग गया. अपनी कप्तानी में बांग्लादेश को वनडे की कई यादगार जीत दिलाने वाले मशरफे आईपीएल 2009 में कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) टीम के मेंबर थे. आईपीएल के अपने एकमात्र मैच में चार ओवर में उन्होंने 58 रन लुटाए, फिर प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं बन सके.
मोहम्मद अशरफुल : बांग्लादेश के मोहम्मद अशरफुल (Mohammad Ashraful) को एक समय बैटर के तौर पर काफी ऊंचा रेट किया जाता था. अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर की ही तरह आक्रामक अंदाज में बैटिंग करने वाले अशरफुल के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक (17साल 61दिन) जड़ने का रिकॉर्ड है. आईपीएल 2009 में मुंबई इंडियंस ने अशरफुल को अपने साथ जोड़ा था लेकिन वे केवल एक मैच खेल सके. मैच में 10 गेंदों पर महज दो रन बनाने के कारण उन्हें आगे किसी मैच में नहीं खिलाया गया. अशरफुल पर वर्ष 2013 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के दौरान फिक्सिंग का आरोप लगा था. जांच के बाद एंटी करप्शन ट्रिब्यूनल ने उन्हें मैच/स्पॉट फिक्सिंग का दोषी मानते हुए 8 साल के लिए बैन कर दिया था. इससे अशरफुल के करियर पर विराम लग गया.
