RTI की अनदेखी तथा प्रशासनिक लापरवाही से पीड़ित युवक ने मानसिक प्रताड़ना तथा भ्रामक सूचना के संदर्भ में मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत कर न्याय की मांग की।

RTI की अनदेखी तथा प्रशासनिक लापरवाही से पीड़ित युवक ने मानसिक प्रताड़ना तथा भ्रामक सूचना के संदर्भ में मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत कर न्याय की मांग की।

बभनी( दुद्धी) सूचना के अधिकार 2005 के तहत प्रार्थी उमा प्रसाद उर्फ उमंग गुप्ता ने तहसीलदार कार्यालय दुद्धी के समझ आय प्रमाण पत्र के निर्धारण तथा मानकों के संबंध में 6 बिंदुओं पर सूचना दाखिल की थी। युवक का कहना है कि सूचना 04/12/2025 को दाखिल की जिसमें नियमनुसार 30 दिनों के भीतर समस्त बिंदुओं पर सूचना मिल जानी चाहिए थी। परंतु संबंधित जनसूचना अधिकारी द्वारा कोई सूचना नहीं दी गई नहीं सूचना न देने का कारण बताया गया और ना ही किसी भी प्रकार का पत्राचार किया गया।
इसके पश्चात प्रार्थी ने खुद को मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस करते हुए संबंधित उच्च अधिकारियों को जिलाधिकारी सोनभद्र, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सोनभद्र, आयुक्त एक सचिव , राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को संबंधित कृत्य को लेकर अवगत कराया जिसके उपरांत पुनः तहसीलदार कार्यालय दुद्धी द्वारा उसी तरह की भ्रामक और अपूर्ण तथा त्रुटि पूर्ण सूचना के साथ आवेदक को पत्राचार किया गया।
जिसके आवेदक पीड़ित महसूस करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय तथा मुख्य सचिव, राजस्व मंत्री को पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की हैं।
आवेदक द्वारा online माध्यम से IGRS और पीजी पोर्टल पर भी संबंधित प्रकरण की शिकायत की परन्तु आवेदक का कहना है कि जिन कार्यालयों से संबंधित मैने। शिकायत की है उच्चाधिकारियों द्वारा उन्हीं कार्यालयों के अधिकारियों को जांच अधिकारी बनाया गया जिससे निष्पक्ष जांच न होकर पुनः की तरह लीपापोती की जाने की आशंका है। कर यह हमारे मौलिक अधिकारों के भी खिलाफ है कोई भी व्यक्ति अपने ही आरोप पे न्यायधीश नहीं हो सकता यह प्रकृति न्याय के खिलाफ है।
प्रार्थी का माननीय मुख्यमंत्री जी से तथा जिलाधिकारी महोदय से अखबारों के माध्यम से अपील की है कि संबंधित प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।

Above Reporter Photo
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