राखड़ परिवहन का मामला: पत्रकार को गाली-गलौच व धमकी, प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल
राखड़ परिवहन का मामला: पत्रकार को गाली-गलौच व धमकी, प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल

संवाददाता राजू यादव
शक्तिनगर, सोनभद्र।
शक्तिनगर थाना क्षेत्र में अवैध राखड़ परिवहन और फर्जी नंबर प्लेट के गंभीर मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की सूचना देने पर एक स्थानीय पत्रकार के साथ गाली-गलौच और धमकी दिए जाने का आरोप सामने आने से न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दैनिक समाचार पत्र “आज” के शक्तिनगर क्षेत्र के संवाददाता अमित कुमार ने 22 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 9 से 10 बजे के बीच पीडब्ल्यूडी मार्ग पर राखड़ परिवहन कर रहे एक ट्रेलर को संदिग्ध अवस्था में देखा। बताया गया कि ट्रेलर द्वारा मौके पर ही नंबर प्लेट बदली जा रही थी, जिससे अवैध परिवहन की आशंका और गहरी हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रकार अमित कुमार ने तत्काल इसकी सूचना डायल 112 तथा स्थानीय पुलिस को दी।
सूचना देने पर पत्रकार को धमकाने का आरोप
पत्रकार का आरोप है कि पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद संबंधित ट्रेलर चालक ने कथित रूप से वाहन संख्या BR 03 GB 9534 के माध्यम से ट्रांसपोर्टर विक्रांत को मोबाइल नंबर 7307891289 से कॉल किया। इसके बाद इसी नंबर से ट्रांसपोर्टर विक्रांत और स्वयं को “ब्यूरो चीफ” बताने वाले चंद्रमौली मिश्रा द्वारा पत्रकार अमित कुमार को फोन कर गाली-गलौच, अभद्र भाषा और जान से मारने की धमकी दी गई।
पत्रकार का कहना है कि उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने अवैध गतिविधि की सूचना पुलिस को दी, जो एक पत्रकार का संवैधानिक दायित्व है।
प्रेस की स्वतंत्रता और कानून व्यवस्था पर हमला
पत्रकार अमित कुमार ने कहा कि
उन्होंने आशंका जताई कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो अवैध परिवहन माफिया के हौसले और बुलंद होंगे और सच उजागर करने वालों को दबाने का सिलसिला जारी रहेगा।
पुलिस कार्रवाई और जांच का आश्वासन
डायल 112 पर शिकायत के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम एवं स्थानीय थाना प्रभारी द्वारा राखड़ परिवहन कर रहे दो ट्रेलरों की नंबर प्लेट में विसंगति पाई गई। इसके बाद संबंधित वाहनों पर ऑनलाइन चालान की कार्रवाई की गई।
थाना प्रभारी ने पत्रकार के साथ हुए दुर्व्यवहार और धमकी के मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग
पीड़ित पत्रकार अमित कुमार ने थाना प्रभारी शक्तिनगर को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपते हुए निम्न बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की है—
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर राखड़ परिवहन की गहन जांच
ओवरलोड परिवहन में संलिप्त ट्रांसपोर्टरों पर सख्त कार्रवाई
पत्रकार से गाली-गलौच व धमकी देने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई
भविष्य में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के ठोस कदम
अब प्रशासन की भूमिका अहम
अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण में कितनी निष्पक्षता और तत्परता से कार्रवाई करता है। यह मामला केवल अवैध राखड़ परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा और कानून के शासन की भी परीक्षा है।
यदि समय रहते दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह नजीर अवैध कारोबारियों को संरक्षण और पत्रकारों के मनोबल को कमजोर करने वाली साबित हो सकती है।
