पीएम मोदी ने लोगों से की आत्मनिर्भरता की अपील

पी एम मोदी ने लोगों से किया स्वेदेशी अपनाने की अपील पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए हमे सभी क्षेत्रों में एकसाथ काम करना होगा और अब हम जब जानते है कि विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भर भारत सो होकर गुजरता है।

इसलिए हमें याद रखना है कि हम जो भी खरीदे स्वदेशी खरीदे, हम जो भी बेचे वो स्वदेशी हो। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी दुकानदारों से आग्रह करता हूं कि आप अपनी दुकानों पर एक पोस्टक लगाए, जिसमें लिखा हो कि गर्व से कहो ये स्वदेशी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश को अपने जहाज निर्माण (शिपबिल्डिंग) को मजबूत करना चाहिए था, तब कांग्रेस सरकारों ने विदेशी जहाज किराए पर लेना ज्यादा बेहतर समझा। पीएम मोदी ने कहा कि इसके कारण भारत का अपना शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम लगभग खत्म हो गया और विदेशी जहाजों पर निर्भरता मजबूरी बन गई। उन्होंने कहा कि करीब 50 साल पहले भारत का लगभग 40% व्यापार अपने ही जहाजों के जरिए होता था, लेकिन अब यह घटकर सिर्फ 5% रह गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि इसका मतलब यह है कि आज भारत को अपने 95% व्यापार के लिए विदेशी जहाजों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे देश को भारी आर्थिक नुकसान होता है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने इसे आत्मनिर्भर भारत के रास्ते में बड़ी रुकावट बताया और देश को फिर से समुद्री शक्ति बनाने की दिशा में कदम उठाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है, तो आत्मनिर्भरता ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों का यही संकल्प होना चाहिए कि चिप हो या शिप, हमें सब कुछ भारत में ही बनाना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी सोच के साथ अब भारत समुद्री सेक्टर में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, अब सरकार ने बड़े जहाजों को इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) के रूप में मान्यता दे दी है। इस कदम से भारत के समुद्री व्यापार, पोर्ट्स और शिपिंग इंडस्ट्री को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

कांग्रेस ने देश की क्षमता को दबाया, युवाओं का भविष्य छीना- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस ने देश की क्षमताओं को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के 6-7 दशक बीत जाने के बाद भी भारत वह सफलता हासिल नहीं कर पाया, जिसका वह हकदार था। उन्होंने इसके दो मुख्य कारण बताए, पहला, कांग्रेस ने लंबे समय तक देश को लाइसेंस-कोटा राज में उलझाए रखा और वैश्विक बाजारों से अलग-थलग किया। दूसरा, जब वैश्वीकरण का दौर आया, तो सिर्फ आयात का रास्ता अपनाया गया और घोटालों का सिलसिला शुरू हुआ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों ने देश के युवाओं का सबसे ज्यादा नुकसान किया और भारत की असली ताकत को सामने नहीं आने दिया। उन्होंने जोर दिया कि अब समय है कि भारत आत्मनिर्भर बने और दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा हो।

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