वैशाख मास में कौन सा काम करना सही है और कौन सा गलत, यहां दूर करें अपना कन्फूजन

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वैशाख महीने की शुरुआत 13 अप्रैल 2025 से हो चुकी है, जिसकी समाप्ति 12 मई 2025 को होगी. वैशाख साल का दूसरा महीना होता है जो चैत्र माह की समाप्त होने के बाद आता है.
धार्मिक दृष्टि से वैशाख को बहुत ही पवित्र महीना माना जाता है, क्योंकि इसी महीने में बुद्ध पूर्णिमा अक्षय तृतीया जैसे कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं. इसके अलावा वैशाख का महीना शुरु होते ही खरमास भी खत्म हो जाता है शुभ-मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है. साथ ही इस महीने में स्नान, दान, व्रत, उपवास जाप का विशेष महत्व होता है.
हिंदू धर्म में वैशाख का महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है. इसलिए इस महीने में किए गए काम से श्री हरि खुश होते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं वैशाख महीने में कौन से काम करने चाहिए कौन से काम नहीं करने चाहिए…
वैशाख महीने में क्या करें-
1. वैशाख मास में सुबह जल्दी स्नान करें. सूर्यदेव को तुलसी जल अर्पित करें. शाम को तुलसी के पास दीपक जलाएं. भगवान विष्णु देवी लक्ष्मी की पूजा करें.
2. मंदिर में झंडा, जल से भरा बर्तन दान करें. गरीबों जरूरतमंदों को पानी दान करें.
3. वैशाख माह में प्रातःकाल उठना चाहिए सूर्योदय से पहले स्नान करना चाहिए.
4. इस माह में किसी सार्वजनिक स्थान पर प्याऊ लगा सकते हैं या फिर किसी मटके का दान करें.
5. जो व्यक्ति वैशाख माह में पीने के पानी का बर्तन, घड़ा या जल दान करता है, उसे देवताओं, ऋषियों पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
वैशाख माह में न करें ये काम-
1. वैशाख महीने में सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए.
2. इस महीने गर्मी अपने चरम पर होती है, इसलिए अधिक पानी पिएं अधिक तेल-मसाले वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
3. वैशाख माह में सुबह जल्दी उठना चाहिए दिन में भोजन करके थोड़ी देर आराम करना चाहिए.
4. स्कंद पुराण के अनुसार वैशाख महीने में तेल मालिश नहीं करनी चाहिए.
