महाकुंभ के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

माघ पूर्णिमा का स्नान बुधवार को है। अमृत स्नान के लिए कानपुर जोन से 500 से ज्यादा बसें प्रयागराज रवाना होंगी। सेंट्रल और गोविंदपुरी स्टेशन से करीब तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जाने का अनुमान है।
श्रद्धालुओं को हर 20 मिनट में ट्रेन, तो झकरकटी से हर 10 मिनट में बस मिलेगी। रोडवेज के आरएम अनिल कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह से शाम तक 89 बसें प्रयागराज रूट पर गईं।अमृत स्नान पर भीड़ बढ़ने पर अनुबंधित बसें भी चलाई जाएंगी। प्रयागराज रूट पर बसों की संख्या बढ़ने से लखनऊ, झांसी और दिल्ली-मेरठ रूट की बसों के फेरे घटाए गए हैं। वहीं, एसीएम संतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 50 मेला स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज के लिए चल रही हैं। यात्री ट्रेन को लेकर असमंजस में न पड़ें। प्लेटफॉर्म नंबर तीन, चार और पांच से प्रयागराज वाली ट्रेनों को रवाना किया जाएगा। प्लेटफॉर्म एक और दो पर वापसी वाली ट्रेनें रुकेंगी। यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर स्पेशल मेमू चलाई जाएंगी।क्यूआरटी देंगी इनपुट, कंट्रोल रूम से निगरानी
मंगलवार सुबह से ही आरपीएफ, जीआरपी और वाणिज्य विभाग की क्यूआरटी प्लेटफॉर्म पर तैनात रहेंगी। सुरक्षाबलों की क्यूआरटी यात्रियों की सुरक्षा संबंधी, जबकि वाणिज्य विभाग की क्यूआरटी यात्रियों की संख्या और उन्हें रूट संबंधी जानकारी प्रबंधन को देगी। किसी रूट पर यात्री संख्या पर्याप्त होने की पुष्टि पर क्यूआरटी प्रबंधन को सूचित करेगी।
तीन रस्सा दल, जीआरपी, आरपीएफ संग पीएसी की भी ड्यूटी
स्टेशन पर लगभग 600 जवानों की ड़्यूटी लगाई गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तीन रस्सा दल भी प्लेटफॉर्म नंबर तीन, चार और पांच पर तैनात रहेंगे। जीआरपी और आरपीएफ जवानों संग एक कंपनी पीएसी भी लगाई गई है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर प्राथमिक चिकित्सा बूथ भी बनाया गया है।
बसों को दोगुना और ट्रेनों को डेढ़ गुना समय लग रहा
कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर भीषण जाम की वजह से रोडवेज बसों को प्रयागराज पहुंचने में दोगुना समय लग रहा है। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक, आम दिनों में कानपुर से प्रयागराज पहुंचने में बसों को पांच से छह घंटे का समय लगता है, लेकिन पिछले दिनों कानपुर से रवाना हुई बसों को 12 घंटे से ज्यादा समय लगा। वहीं, ट्रेनों को भी डेढ़ गुना ज्यादा समय लग रहा है। रेलवे अफसरों के मुताबिक नियमित ट्रेनों का संचालन न प्रभावित हो, इस वजह से कुंभ स्पेशल ट्रेनें रुक-रुककर चल रही हैं। आम दिनों में कानपुर से जाने वाली ट्रेन चार से पांच घंटे में प्रयागराज पहुंचती है, अब यह समय लगभग आठ घंटे हो गया है।
महाकुंभ के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- पैदल चलने में सक्षम हों तो ही यात्रा पर जाएं।
- उत्साह में ट्रेन के दरवाजे पर लटक कर सफर न करें।
- स्टेशन और महाकुंभ क्षेत्र में प्रवेश और निकास मार्गों का निर्देशानुसार प्रयोग करें।
- स्टेशन पर या फिर अन्य किसी भीड़ वाले स्थान पर अफवाहों से बचें।
- प्लेटफॉर्म या अन्य स्थानों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं, ट्रेन के रुकने पर ही चढ़ें।
- बीपी, शुगर आदि रोगों के मरीज दवाएं साथ लेकर यात्रा करें।
- ट्रेन में किसी प्रकार की समस्या होने पर हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें।
- किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में 112 पर कॉल करें।
- स्टेशन के फुट ओवरब्रिज पर लेटें या बैठे नहीं।
- नाश्ता-पानी लेकर ही यात्रा के लिए निकलें।
27 स्पेशल ट्रेन और 45 नियमित ट्रेनों से यात्री सेंट्रल पहुंचे
बीते 24 घंटों के दौरान प्रयागराज से लौटने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। गोविंदपुरी पर सोमवार सुबह तक 27 स्पेशल और 45 से ज्यादा नियमित ट्रेनों से लगभग दो लाख से ज्यादा यात्री प्रयागराज से लौटे हैं। दिल्ली और झांसी रूट के यात्रियों ने ट्रेन के इंतजार में प्लेटफॉर्म को ठिकाना बनाया। स्टेशन अधीक्षक अवधेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि रविवार शाम से सोमवार शाम तक प्रयागराज से 28 मेमू से यात्री स्टेशन पहुंचे। यात्रियों की संख्या को देखते हुए पांच ट्रेनें दिल्ली रूट पर तो दो ट्रेनें झांसी रूट पर चलाई गईं। वहीं, प्रयागराज से शहर को 24 घंटे में 112 बसें यात्रियों को लेकर लौटीं। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात से रविवार सुबह तक जोन से लगभग 230 से ज्यादा बसें प्रयागराज को गईं।
