गृहमंत्री शाह ने वीर जवानों के परिजनों से की मुलाकात, कहा- मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त होगा भारत

केंद्रीय गृहमंत्री (Home Minister) अमित शाह (Amit Shah) ने रायपुर में नक्सल प्रभावित बस्तर प्रवास के दौरान लोगों को विश्वास दिलाया है कि केंद्र सरकार मां दंतेश्वरी की धरती से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर देगी।
अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी है। अधिकारियों ने कहा कि अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन शाह ने आज जगदपुर स्थित अमर वाटिका में नक्सली हमले में शहीद जवानों और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की है।</
31 मार्च 2026 तक भारत होगा नक्सल मुक्त शाह ने कहा कि, सुरक्षा बल के जवानों और निर्दोष नागरिकों को हिंसा की भेंट चढ़ा कर मानवाधिकार की सहानुभूति लेने वाले नक्सली अब एक्सपोज़ हो चुके हैं। मोदी सरकार वामपंथी उग्रवाद से पीड़ित परिवारों के सहयोग के लिए कटिबद्ध है। साथ ही, 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त भारत बना कर इन सभी बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
आपके साथ है केंद्र और राज्य सरका
मंत्री अमित शाह ने कहा, ”एक लम्बी और वेदनापूर्ण लड़ाई में आपने अपने परिजनों को खोया है, इस दर्द को कम नहीं किया जा सकता। केंद्र और राज्य सरकार आपके साथ हैं। शहीदों के त्याग और बलिदान को अमर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार उनकी पुण्य स्मृतियों को सहेज रही है।” उन्होंने कहा, ”आप लोगों की तरह किसी और को अपने परिजनों को न खोना पड़े। मैं नक्सली हमलों में शहीद हुए जवानों और जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मां दंतेश्वरी की धरती से नक्सलवाद को पूर्णतः समाप्त कर देंगे।”
नक्सल उन्मूलन के लिये 3 मोर्चों पर काम
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस के जवान मजबूती के साथ नक्सल विरोधी मोर्चे डटे हुए हैं। पिछले एक साल की सटीक रणनीति से नक्सलवाद का दायरा सिमटा है और विभिन्न विकास कार्यों को गति देने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिये सरकार तीनों मोर्चों पर काम कर रही है। माओवादी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर आत्मसर्मपण करने वालों का स्वागत किया जा रहा है। नक्सल अभियान के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया जा रहा है और जो दूसरे की जान लेने पर आमादा हैं, उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है।
अपनों को खोने का दर्द कोई कम नहीं कर सकता मंत्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शहीदों के परिजनों की समस्याएं सुनने के लिए पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में सप्ताह में एक दिन नियत किया है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आईजी कार्यालय में कलेक्टर भी मौजूद रहें और इस मुहिम का हिस्सा बनें। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि अपनों को खोने का दर्द कोई कम नहीं कर सकता किंतु हम कुछ ऐसी व्यवस्था बनाएंगे, जिससे आपकी पीड़ा को कम किया जा सके।
सीएम विष्णु देव साय ने क्या कहा इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ”आपके परिजनों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार साथ मिलकर आपके हितों का ध्यान रखेगी। आप सभी के लिए जो बेहतर होगा वह कार्य करने के लिए हम सभी दृढ़संकल्पित हैं।” साय ने कहा, ”हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि हमारे जवानों को नक्सल मोर्चे पर सफलता मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री जी ने उनकी हिम्मत बढ़ाई है और उनकी पीठ हमेशा थपथपाई है। आज भी वे आपकी हौसला अफजाई, आपके साहस और संकल्प के अभिनंदन के लिए आए हैं।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहीद जवानों की स्मृतियों को सहेजने के लिए उनके गांवों में उनकी प्रतिमा की स्थापना करेगी।
अमर शहीद वाटिका पहुंचे गृह मंत्री अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा शहीद जवानों और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजन उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने अमर शहीद वाटिका में अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अमर जवान स्तंभ में पुष्प चक्र अर्पित कर नक्सल अभियान के दौरान शहीद जवानों की शहादत को नमन किया। इस अवसर पर शाह ने ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया। उन्होंने परिसर में पीपल का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री साय ने भी परिसर में शहीदों की स्मृति में रुद्राक्ष का पौधा लगाया। शाह ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद आगंतुक पुस्तिका में लिखा कि सुरक्षाबलों के जवानों की शहादत के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।
