रात के अंधेरे में बालू के अवैध खनन व परिवहन कर्ता हुए सक्रिय, वन विभाग सो रही है चैन की नींद
रात के अंधेरे में बालू के अवैध खनन व परिवहन कर्ता हुए सक्रिय, वन विभाग सो रही है चैन की नींद

टी.एल. भास्कर प्रदेश क्राइम ब्यूरो
डाला सोनभद्र- स्थानीय वन प्रभाग ओबरा क्षेत्र के अंतर्गत बीट डाला बारी छठ घाट ,इंटेक व पंचू डी एनह सोन नदी से रात के अंधेरे में बालू का अवैध खनन व परिवहन जोरों पर जारी है वहीं वन विभाग के साथ प्रशासन की कट रही चांदी ।
शुक्रवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक वन प्रभाग ओबरा क्षेत्र के अंतर्गत डाला बारी छठ घाट बीट गोराह दह इंटेक बीट के साथ पंचू डीह बीट में रात के अंधेरे में बालू खनन कर्ताओं की सक्रियता तेजी से बढ़ती जा रही है जिसके आगे वन विभाग फेल होते नजर आ रही है ।
जिसको लेकर आस पास के ग्रामीणों ने बताया कि डाला बारी छठ घाट सोन नदी के आसपास क्षेत्र से बालू का अवैध खनन व परिवहन कर्ताओं द्वारा रातभर कई टीपर व कई टैक्टर को लगाकर सोन नदी से अवैध बालू लोड कर डाला बारी एव चोपन गांव के रास्ते बेफिक्र होकर धड़ल्ले से अवैध बालू खनन कर परिवहन किया जाता है अवैध बालू खनन कर्ताओं को ना ही यहा प्रशासन का डर है ना ही वन विभाग का डर है जिसे देख ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से सांठगांठ कर अवैध बालू खनन जोरों पर किया जा रहा है ।
इसके अलावा भी गोरा दह,इंटेक व पंचू डीह सोन नदी से भी अवैध बालू खनन किया जाता है वहीं खनन कर्ता इतने सातिर है कि एक दिन डाला बारी छठ घाट से तो दुसरे दिन गोरा दह,इंटेक व पंचू डीह सोन नदी से अवैध बालू खनन कर परिवहन करते हैं ताकि लोगों के नजर में ना आए । बताया जा रहा है कि उच्च स्तरीय जांच टीम की आने की भनक लगने पर बालू का अवैध खनन व परिवहन का कार्य बंद कर एक-दो दिन का अंतराल कर पुनः सुचारू कर दिया जाता है ।
जहा वन विभाग के दरोगा व वन कर्मचारी बेफ्रिक होकर रात में आराम फरमाते हैं और बालू के अवैध खनन कर्ता रात भर जाग कर बालू का खनन कर परिवहन करते हैं ।
वहीं संबंध में रेंजर इंद्रजीत पाल से फोन के माध्यम से जानकारी लेना चाहा तो रेजर शाहब फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा और फोन रिसीव नहीं किया। जिसके उपरांत वन प्रभाग ओबरा डीएफओ अनुराग प्रियदर्शी से इस संबंध में जानकारी हेतु कई बार फोन लगाया गया तो उनका भी फोन रिसीव नहीं हुआ
इसके बाद लोगों ने बताया कि समय पर ना ही डाला रेंजर का ना ही डीएफओ शाहब का फोन लगाने पर फोन रिसीव नहीं होता है ताकि क्षेत्र की समस्या से अवगत कराया जा सके।
