क्या बोली UP पुलिस अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन बेटे के जनाजे में पहुंची?

अतीक अहमद की बीवी और उमेश पाल हत्याकांड में वांछित शाइस्ता परवीन शुक्रवार को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में रही। सड़क हादसे में सबसे छोटे बेटे आबान की मौत के बाद हटवा गांव में उसका शव पहुंचने पर दिनभर यह चर्चा होती रही कि शाइस्ता अपने बेटे का अंतिम दीदार करने आई थी।
हालांकि पुलिस और प्रशासन ने ऐसे सभी दावों को अफवाह बताते हुए खारिज कर दिया।
शुक्रवार सुबह जैसे ही आबान का शव हटवा गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में बुर्कानशीं महिलाएं भी मौजूद थीं। इसी दौरान भीड़ में शाइस्ता के होने की चर्चाएं तेज हो गईं। कई लोगों ने दावा किया कि वह गुपचुप तरीके से आई और बेटे का अंतिम दीदार कर लौट गई, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
अलर्ट थी पुलिस
शाइस्ता के आने की आशंका को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहले से सतर्क थीं। एसीपी धूमनगंज अजयेंद्र यादव के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस गांव में तैनात रही। महिला पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया था। अधिकारियों की नजर हर गतिविधि पर रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शाइस्ता के आने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
मां का लाडला था सबसे छोटा आबान
परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि आबान अपनी मां शाइस्ता का सबसे लाडला था। वर्ष 2023 में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के समय आबान नाबालिग था। गिरफ्तारी से बचने के लिए शाइस्ता उसी दौरान फरार हो गई थी। तब से अब तक उसका कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। करीब तीन साल बाद बेटे की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर शाइस्ता को लेकर अटकलों का दौर शुरू कर दिया।
पुलिस को आशंका थी कि वह बेटे के जनाजे में शामिल होने का जोखिम उठा सकती है। इसी संभावना को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया विभाग भी पूरे दिन सक्रिय रहा। शाइस्ता के अलावा अतीक की बहन आइशा नूरी और अशरफ की पत्नी जैनब भी अब तक फरार हैं।
