जनपद गाजीपुर करंडा ग्राम कटरिया प्रकरण अब पूरी तरह सियासी रंग ले लिया है।।

राजू यादव क्राइम प्रधान संपादक। गाजीपुर का कटरिया प्रकरण अब पूरी तरह सियासी रंग ले लिया है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव 24 अप्रैल को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा ऐलान करते हुए कहे कि वह 29 अप्रैल को खुद गाजीपुर जाएंगे और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। साथ ही वह घटना में घायल अपने पार्टी कार्यकर्ताओं का हालचाल भी जानेंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव सरकार और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। कहे कि कटरिया की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है, मगर इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि पीड़ितों को अब तक न्याय नहीं मिल सका है। शासन-प्रशासन इस मामले में पूरी तरह विफल साबित हुआ है।

इस दौरान सपा सुप्रीमो पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को नई रणनीति अपनाने के निर्देश भी दिए। कहे कि अब तक किसी भी कार्यक्रम या दौरे से पहले प्रशासन को सूचना दी जाती थी, जिससे कई बार कार्यकर्ताओं को रोका जाता था मगर अब पार्टी “छापामार (गोरिल्ला) रणनीति” अपनाएगी। यानी बिना पूर्व सूचना के ही कार्यकर्ता सीधे पीड़ितों के बीच पहुंचेंगे और उनकी हरसंभव मदद करेंगे।
गौरतलब है कि गाजीपुर के कटरिया गांव में विश्वकर्मा समाज की एक लड़की की मौत के बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। 22 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सपा के प्रतिनिधिमंडल पर कथित तौर पर पथराव किया गया, जिसमें कई नेता घायल हो गए। इस घटना के बाद से ही सपा में आक्रोश का माहौल है।
अब अखिलेश यादव के गाजीपुर दौरे के ऐलान के बाद प्रदेश की सियासत और गरमा गई है। राजनीतिक हलकों में इस दौरे को लेकर हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें 29 अप्रैल पर टिकी हैं, जब अखिलेश खुद कटरिया पहुंचकर इस पूरे मामले को नई दिशा देने की कोशिश करेंगे।

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