सीआईएसएफ जवान को अधमरा कर नाले में फेंका, औद्योगिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल
सीआईएसएफ जवान को अधमरा कर नाले में फेंका, औद्योगिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल

संवाददाता राजू यादव
सिंगरौली : सिंगरौली के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर कटघर्रे में खड़ी हो गई है। संगठित कबाड़ और केबल चोरों ने अब खुलेआम खाकी पर हमला शुरू कर दिया है। अमलोरी खदान क्षेत्र में सीआईएसएफ के प्रआर सतीषचन्द्र भारती पर हुए प्राणघातक हमले ने यह साबित कर दिया है कि कबाड़ माफिया को न कानून का डर है और न ही सुरक्षा एजेंसियों का।
जानकारी के अनुसार 18-19 जनवरी की दरम्यानी रात करीब 1:45 बजे सीआईएसएफ निरीक्षक विकास कुमार रूटीन चेकिंग पर निकले थे। इसी दौरान व्यू पॉइंट पोस्ट से प्रधान आरक्षक सतीषचन्द्र भारती गायब मिले। तलाश करने पर वे पास के ही एक नाले में मरणासन्न हालत में पड़े मिले। बदमाशों ने लाठी-डंडों से जवान को इस कदर पीटा कि उनके शरीर का कोई हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा। हमलावरों ने जवान को झोले के पट्टे से बांधकर नाले में फेंक दिया, ताकि वे आराम से केबल चोरी कर सकें। अपराधी मौके से करीब 15 मीटर कीमती केबल लेकर फरार हो गए। घायल जवान को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल वाराणसी रेफर किया गया, जहां उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद जिले की सभी परियोजनाओं में तैनात हजारों सुरक्षा कर्मियों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। लगातार हो रहे हमलों ने सुरक्षा प्रबंधन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा 307 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित कर सघन दबिश दी जा रही है। फरार बदमाशों की सूचना देने वाले के लिए 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई है। एसपी और सीएसपी ने दावा किया है कि आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, लगातार हो रहे हमलों ने यह साफ कर दिया है कि सिंगरौली में कबाड़ माफिया अब सीधे सुरक्षा बलों को चुनौती दे रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस की यह आक्रामक कार्रवाई कब तक जमीन पर असर दिखाती है। लेकिन इस घटना ने पुलिस अधिकारियों की पोल खोल दी है।
