दिल्ली में भाजपा से सत्ता गंवाने और अरविंद केजरीवाल के अपनी सीट हारने के बाद आप को 23 जून को बड़ी राहत मिली

दिल्ली में भाजपा से सत्ता गंवाने और अरविंद केजरीवाल के अपनी सीट हारने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) को 23 जून को बड़ी राहत मिली। लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में संजीव अरोड़ा ने जीत हासिल कर ली है।
आप के राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा ने कांग्रेस के भारत भूषण आशु को हराया है।
उपचुनाव में जीत के बाद राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा का पंजाब सरकार में मंत्री बनना तय है क्योंकि अरविंद केजवील ने चुनाव प्रचार के खुद ये ऐलान किया था। संजीव अरोड़ा के चुनाव जीतने के बाद पंजाब से राज्य सभा में एक सीट खाली हो गई है।
लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जब ‘आप’ ने अपने राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को अपना उम्मीदवार घोषित किया था, तभी से ये कयास लगाए जा रहे थे कि अगर अरोड़ा जीतते हैं तो अरविंद केजरीवाल उनकी जगह राज्यसभा जा सकते हैं। हालांकि उपचुनाव परिणाम आने के बाद अरविंद केजरीवाल ने स्वयं इन अटकलों पर विराम लगा दिया है।
आम आदमी पार्टी पंजाब कोटे की खाली हुई राज्यसभा सीट पर किसको भेजेगी?
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहा कि वो राज्यसभा नहीं जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “राज्यसभा कौन जाएगा ये पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी तय करेगी लेकिन मैं नहीं जा रहा।” आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “कुर्सी या कोई पद को ठुकराकर जनसेवा को चुनना ही केजरीवाल की असली पहचान रही है।” ऐ
अरविंद केजरीवाल नहीं तो किसे AAP भेजेगी राज्यसभा?
बता दें लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में जीत हासिल कर चुके संजीव अरोड़ा को राज्यसभा से इस्तीफा देना पड़ेगा। उनके इस्तीफे के बाद उच्च सदन में पंजाब कोटे की आप की एक सीट खाली हो जाएगी। अब जबकि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा में जाने से इनकार कर दिया है। ऐसे में राज्यसभा भेजे जाने वाले पार्टी के दो दिग्गज नेताओं का नाम सामने आ रहा है।
सिसोदिया या सत्येंद्र? क्या जा सकते हैं राज्यसभा?
इसमें पहला नाम दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का है और दूसरा नाम दिल्ली की पूर्व आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री रह चुके सत्येंद्र जैन है। जिन्हें आम आदमी पार्टी उच्च सदन में भेज सकती है।
केजरीवाल ने क्यों राज्यसभा जानें से किया इनकार?
बता दें दिल्ली चुनाव में हार के बाद अरविंदे केजरीवाल की ओर से उनकी योजनाओं के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। केजरीवाल अपना ज्यादातर समय पंजाब में बिता रहे थे और पार्टी का ध्यान सिर्फ उसी राज्य पर केंद्रित कर रहे हैं जहां उनकी सरकार है।
पंजाब में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है।माना जा रहा है कि आप मुखिया अरविंद केजरीवाल पूरा ध्यान आगामी चुनावों में आम आदमी पार्टी की जीत पर फोकस करना चाहते हैं इसलिए उन्होंने राज्यसभा जाने से इनकार किया है।
