‘आतंक का फन उठेगा तो कुचल देंगे’, Indore Metro और दतिया सतना एअरपोर्ट के उद्धाटन के बाद बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर का लक्ष्य लोगों की सेवा करना और उनके जीवन में बदलाव लाना था। समाज के विकास के लिए उन्होंने कई सुधार लागू किए।खासकर, महिला सशक्तिकरण की दिशा में उनके द्वारा किए गए सुधार हमें प्रेरणा देते हैं। वह चाहती थीं कि किसान अपने खेतों में तरह-तरह के फसल उगाएं। पीएम मोदी ने ये बातें भोपाल के जम्बूरी मैदान में लोगों को संबोधित करते हुए कहीं। इस मौके पर पीएम ने दतिया और सतना एयरपोर्ट सहित विकास की कई योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ‘आज 140 करोड़ भारतीय यही कह रहे हैं कि तुम अगर गोली चलाओगे तो यहां से उसका जवाब गोले से दिया जाएगा।’
दतिया और सतना भी हवाई सेवा से जुड़ गए-पीएम
पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ‘यह अवसर 140 करोड़ भारतीयों के लिए प्रेरणा का है। देवी अहिल्याबाई कहती थीं कि शासन का सही अर्थ जनता की सेवा करना और उनके जीवन में सुधार लाना होता है। आज का कार्यक्रम उनकी सोच को आगे बढ़ाता है। आज इंदौर मेट्रो की शुरुआत हुई है। दतिया और सतना भी हवाई सेवा से जुड़ गए हैं।’
अहिल्याबाई के सम्मान में सिक्का जारी किया
इसके बाद जम्बूरी मैदान के पांडाल में पीएम ने भारतीय इतिहास एवं संस्कृति में अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को रेखांकित करने वाली प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मंच पर उन्होंने अहिल्याबाई की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनका माल्यार्पण किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच पर पीएम का स्वागत किया। इसके बाद पीएम ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर एवं उनके सम्मान में सिक्का और स्टैंप जारी किया। साथ ही उन्होंने दतिया और सतना एयरपोर्ट सहित विकास की कई योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
लोगों ने पीएम का गर्मजोशी से किया स्वागत
इससे पहले लोकमाता देवी अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन तक पीएम मोदी खुली कार में सवार होकर पहुंचे। पीएम मोदी को देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपने हाथों में तिरंगा ले रखा था। सभी ने हाथ लहराकर पीएम का स्वागत किया। पीएम ने भी दोनों तरफ मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
