कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा में उस समय बुरी तरह भड़के जब……

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा में उस समय बुरी तरह भड़क गए, जब पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर ने उन्हें भाषण के दौरान टोक दिया।खरगे राज्यसभा में बोल रहे थे, इसी बीच नीरज शेखर ने उन्हें टोक दिया। बस फिर क्या था कांग्रेस के राज्यसभा सांसद बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने नीरज से कहा- तू चुप बैठ चुप, तेरे बाप का भी मैं साथी था, उसको लेकर घुमा हूं।

सरकार बताए सही आंकड़ा : मल्लिकार्जुन खरगे ने महाकुंभ को भी लेकर खूब बोला। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कुंभ में हजारों लोगों की मौत हुई है। खरगे ने राष्ट्रपति अभिभाषण पर उच्च सदन में हुई चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि महाकुंभ में पिछले दिनों हुई भगदड़ के दौरान ‘हजारों’ लोगों की मौत हो गई। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने तुरंत कहा कि यह मेरा अनुमान है, अगर यह सही नहीं है तो आपको (सरकार को) बताना चाहिए कि सही संख्या क्या है। मोदी ‘झूठों के सरदार’, तो झूठ बोलने में केजरीवाल उनके ‘बाप’ हैं : मल्लिकार्जुन खरगे

गलत हूं तो माफी मांग लूंगा : उन्होंने कहा कि मैंने किसी को दोषी ठहराने के लिए ‘हजारों’ नहीं कहा। लेकिन कितने लोग मारे गए, कम से कम यह जानकारी तो दें। अगर मैं गलत हूं तो मैं माफी मांगूंगा। उन्हें आंकड़ा देना चाहिए कि कितने लोग मारे गए, कितने लापता हैं। उल्लेखनीय है कि 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर स्नान के दौरान भगदड़ मच गई थी। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 30 लोगों की मौत हो गई।

और क्या कहा खरगे ने : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाने में संविधान के महत्व का हवाला देते हुए सोमवार को राज्यसभा में कहा कि मनुस्मृति ने नहीं, बल्कि संविधान के कारण वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बजट पेश करने का मौका मिला और संसद में सभी तबके को बोलने का अधिकार दिया। नेता प्रतिपक्ष खरगे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संविधान की वजह से ही वित्त मंत्री को बजट पेश करने का मौका मिला, न कि मनुस्मृति की वजह से। हमें संविधान की वजह से ही बोलने का अधिकार मिला है। मनुवादियों की बात मत सुनें। मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी पर साधा निशाना, बोले- BJP वह माचिस है जिसने मणिपुर को जला दिया

खरगे उच्च सदन में मनुस्मृति की एक प्रति लेकर आए थे। मनुस्मृति एक प्राचीन हिंदू कानूनी ग्रंथ है, जिसमें 12 अध्याय और 2,694 श्लोक हैं। खरगे ने नरेन्द्र मोदी सरकार के 11 साल के शासन पर तीखा हमला करते हुए विकास, रोजगार, किसान कल्याण और संघीय ढांचे के मोर्चों पर पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया। खरगे ने दावा किया कि केवल चार महीनों में 12,000 एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) बंद हो गए। उन्होंने रेलवे और बंदरगाहों के निजीकरण की आलोचना करते हुए दावा किया कि उन्हें केवल ‘अदाणी’ को सौंप दिया गया।

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