ऑस्ट्रेलिया का बैंड बजाना है तो 30 मिनट तक संभलकर रहे ऋषभ पंत, सुनील गावस्कर ने बताया गजब का उपाय

भारतीय क्रिकेट टीम के एक्स फैक्टर विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत अब तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वो कमाल नहीं कर पाए जिसकी उम्मीद थी. महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने पंत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अगले दो टेस्ट मैचों में आक्रामक स्ट्रोक खेलने से पहले परिस्थितियों का “सम्मान” करने की सलाह दी है.
ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरे पर गाबा में मैच जिताऊ पारी खेलने के साथ भारत की सीरीज जीत के नायकों में शामिल रहे पंत इस बार कुछ खास नहीं कर पाए. पंत मौजूदा दौरे पर अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित करने में नाकाम रहे हैं. इस 27 साल के खिलाड़ी ने अब तक तीन टेस्ट मैचों की पांच पारियों में 37, एक, 21, 28 और नौ का स्कोर बनाया है. अपने आक्रामक रवैये के लिए जाने जाने वाले पंत ज्यादातर मौके पर मैच की स्थिति की परवाह किए बिना आक्रामक शॉट खेलने को प्राथमिकता दी है.
पांच मैचों की मौजूदा सीरीज में एडीलेड में खेले गये पिंक बॉल टेस्ट में अपनी पारी की पहली ही गेंद पर तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड के खिलाफ आक्रामक शॉट खेलने के उनके साहसिक फैसले ने काफी ध्यान आकर्षित किया था. गावस्कर ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, ” ऋषभ पंत को वही करने की जरूरत है जो सभी के लिए जरूरी है. शुरुआती आधे घंटे का सम्मान करें. क्रीज पर पहुंचने के बाद चाहे जैसी भी परिस्थिति हो सावधानी से बल्लेबाजी करते हुए थोड़ा समय बिताए. अगर भारतीय टीम का स्कोर तीन विकेट पर 525 रन के आसपास हो तो वह अपने तरीके से बल्लेबाजी कर सकते हैं.”
पंत के लिए ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों की चुनौती के बारे में उन्होंने कहा, ”वे एक कोण से गेंदबाजी करते है. पैट कमिंस और यहां तक कि (जोश) हेजलवुड भी ऐसी गेंदों से उन्हें परेशान करते हैं. स्कॉट बोलैंड से उन्हें थोड़ी परेशानी होगी क्योंकि बोलैंड भी उस क्षेत्र के आसपास गेंदबाजी करते हैं.”
खुद को पंत का प्रशंसक कहने वाले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने हालांकि पंत से उनके निडर दृष्टिकोण को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि यह टीम के लिए ‘गेम-चेंजर (प्रभावशाली सकारात्मक बदलाव)’ हो सकता है. उन्होंने कहा, ”मैं हमेशा से उनका प्रशंसक रहा हूं. वह एक अलग तरह के खिलाड़ी हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है. मैं उन्हें इसका कुछ नया करते हुए भी देखना चाहूंगा. रोहित शर्मा की तरह, मुझे लगता है कि हमने ऋषभ की ओर से जवाबी हमले के प्रयास नहीं देखे हैं. उन्हें इन परिस्थितियों में बेखौफ होकर खेलना चाहिये। मुझे लगता है कि अगर पंत बेखौफ बल्लेबाजी करेंगे तो इससे भारत को फायदा होगा.”
