श्राद्ध के लिए ये 3 चीज जरूरी और 3 चीज वर्जित-

श्राद्ध के लिए ये 3 चीज जरूरी और 3 चीज वर्जित-
त्रीणि श्राद्धे पवित्राणि दौहित्र: कुतपस्तिला:।
वज्यार्णि प्राह राजेन्द्र क्रोधोध्वगमनं त्वरा।
अर्थ है: श्राद्ध कर्म करने के लिए दौहित्र पुत्री का पुत्र या पुत्र, कुपत मध्या का समय और तिल ये तीन चीजें सबसे जरूरी मानी जाती हैं. वहीं क्रोध, अध्वगमन श्राद्ध करके एक स्थान से दूसरे स्थान जाना और श्राद्ध करने में हड़बड़ी ये तीन चीजें वर्जित होती हैं.
श्राद्ध करने वालों को बरतनी चाहिए ये सावधानियां
- श्राद्धकर्ता को पितृ पक्ष में पूरे 15 दिनों तर बाल-दाढ़ी नहीं बनवाना चाहिए.
- प्रतिदिन स्नान करने के बाद पितरों का तर्पण करना चाहिए.
- इस समय तेल, उबटन जैसी चीजों का प्रयोग न करें.
- श्राद्धकर्ता को पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
- पितृ पक्ष में मांसाहार, मदिरापान और जमीन के नीचे उपजे कंद-मूल का सेवन नहीं करना चाहिए.
- श्राद्धकर्ता इस समय चमड़े की पुरानी चीज, पुराने या काले वस्त्र, लोहा, तेल और बासी भोजन का दान न करें.
