नौकरी के बदले जमीन केस: लालू, तेजस्वी और तेज प्रताप को कोर्ट ने भेजा समन, पेश होने को कहा

दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंक केस में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और दूसरे आरोपियों को इस मामले में आरोपी मानते हुए समन जारी कर दिया है।

साथ ही इस बार लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी इस बार प्रवर्तन निदेशालय के लपेटे में आ गए हैं

कोर्ट ने अखिलेश्वर सिंह के साथ-साथ उनकी पत्नी किरण देवी को भी समन भेजा है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि तेज प्रताप यादव की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। वह एके इंफोसिस लिमिटेड के निदेशक भी थे, इसीलिए उन्हें भी तलब किया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस केस में बीते 6 अगस्त को 11 लोगों के विरुद्ध पूरक चार्जशीट दायर की थी। हालांकि, इनमें से 4 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

यहां जानिए क्या है मामला?
यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उस दौरान उन्होंने रेलवे में नौकरी के बदले लोगों से जमीन ली थी। ED का आरोप है कि लालू यादव के परिवार ने अपने पदों का दुरुपयोग किया और लोगों को रेलवे में नौकरी देने के बदले में उनसे जमीन अपने नाम करा ली। यह जमीन लालू यादव के परिवार के सदस्यों और संबंधित कंपनी एके इंफोसिस्टम के नाम कर दी गई थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, ‘मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।’ लालू यादव के परिवार ने अपने पदों का दुरुपयोग किया है।

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