प्रधानमंत्री ने किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद देश को संबोधित किया

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर तिरंगा फहराने पहुंचे। प्रधानमंत्री ने सुबह-सुबह लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराने के बाद देश को संबोधित किया।

समारोह को संबोधित करते हुए। पीएम ने इस बार अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया और एक नया रिकॉर्ड बनाया है। दरअसल, नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले पर जितनी बार भाषण दिया उसमें से साल 2024 का भाषण सबसे लंबा रहा। यह भाषण करीब 98 मिनट का रहा। देश और विदेश में प्रचलित सभी प्रमुख मुद्दों को छूते हुए प्रधानमंत्री ने लगभग 98 मिनट तक भाषण दिया।

पीएम ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की जोरदार वकालत की और राजनीतिक दलों से इस सपने को साकार करने के लिए आगे आने का आग्रह किया।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता” समय की मांग है, क्योंकि मौजूदा कानून “सांप्रदायिक नागरिक संहिता” और भेदभावपूर्ण हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति देश की गहरी कृतज्ञता पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्र उनके बलिदानों का ऋणी है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि स्वतंत्रता दिवस देश की आजादी के लिए लड़ने वालों की बहादुरी और समर्पण को सम्मान देने और याद करने का अवसर है।

मोदी ने नागरिकों से बलिदानों पर विचार करने और एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने हाल के वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने ऐसी आपदाओं की लगातार घटनाओं के कारण लोगों के बीच बढ़ती चिंता पर प्रकाश डाला।

स्वतंत्रता दिवस पर उनके पिछले भाषणों की अवधि इस प्रकार है:

2014: 65 मिनट

2015: 85 मिनट

2016: 94 मिनट

2017: 56 मिनट

2018: 83 मिनट

2019: 92 मिनट

2020: 86 मिनट

2021: 88 मिनट

2022: 83 मिनट

2023: 90 मिनट

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