सिसोदिया का जेल से बाहर आना आम आदमी पार्टी के लिए सियासी संजीवनी की तरह

दिल्ली अबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया को जमानत देना बड़ी राहत है. फिर, सिसोदिया को जमानत ऐसे समय में मिली है, जब सीएम अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन जैसे नेता न्यायिक हिरासत में हैं.

इतना ही नहीं, आप नेताओं के जेल में होने का लाभ उठाकर बीजेपी और दिल्ली कांग्रेस आप (AAP) को लगातार घेरने में लोकसभा चुनाव के बाद से जुटी है. ऐसे में सिसोदिया का जेल से बाहर आना आम आदमी पार्टी के लिए सियासी संजीवनी की तरह है.

सिसोदिया की कार्यकर्ताओं पर पकड़ सबसे ज्यादा

सियासी संजीवनी इसलिए भी कि सीएम अरविंद केजरीवाल के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के मामले में मनीष सिसोदिया में सबसे ज्यादा प्रभावी नेता माने जाते हैं. यही वजह है कि सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के 17 महीने बाद सिसोदिया को जमानत मिलते ही आप के नेताओं और कार्यकर्ताओं को नई ताकत मिली है. फिर, सिसोदिया वो नेता हैं, जिनकी वजह से दिल्ली एजुकेशन मॉडल दुनिया भर में लोकप्रिय हुई.

पुराने तेवर में दिखेगी टीम AAP

फिर दिल्ली की राजनीति और नौकरशाही में सिसोदिया अच्छी पकड़ है. अब आप के विधायक व सांसद खुलकर बीजेपी और कांग्रेस पर हमला बोलेंगे. सुनीता केजरीवाल, आतिशी, राघव चड्ढा, सौरभ भारद्वाज, स्वाति मालीवाल, दुर्गेश पाठक, संजीव झा, दिलीप पांडे, यास्मिन शाह व अन्य नेता खुलकर बीजेपी और कांग्रेस पर पलटवार करेंगे. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के लिए आप पर दबाव बना पाना आसान नहीं होगा.

इससे पहले दो अप्रैल, 2024 को दिल्ली आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और कद्दावर नेता संजय सिंह को भी अदालत ने जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया था. तभी से संजय सिंह दिल्ली की तिहाड़ जेल से बाहर हैं. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की अनुपस्थिति में वह बीजेपी के खिलाफ खुलकर मैदान में डटे हैं.

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