दिल्ली में कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में छात्रों की मौत के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों में भी आक्रोश

दिल्ली में कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में छात्रों की मौत के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों में भी आक्रोश देखा जा रहा है. इसी क्रम में आज वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रों ने मौन रहकर दिल्ली की घटना में मृतक छात्रों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उन्हें श्रद्धांजलि दी.इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश और भारत सरकार से मृतक छात्रों के परिवार को सहायता करने की अपील की. छात्रों का कहना है कि इस विषय पर बिल्कुल भी राजनीति न करते हुए जिम्मेदार विभाग और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है.
वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रों की तरफ से दिल्ली घटना में मृतक छात्रों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस घटना को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश देखा गया. एबीपी लाइव से बातचीत के दौरान छात्र राज सिंह ने कहा कि अफसर बनने का सपना लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र तैयारी करने के लिए दिल्ली पहुंचते हैं.
जिम्मेदार विभाग और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
छात्र ने कहा कि यह घटना सामान्य नहीं है, इसने उन परिवारों के सपनों को तोड़ दिया है जिनके बेटे – बेटियां अधिकारी बनने का सपना लेकर दिल्ली पहुंचे थे. इसमें बिना किसी राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप के जिम्मेदार विभाग और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है. इसके अलावा छात्रों द्वारा भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से मृतक छात्रों के परिवार को नौकरी और सहायता राशि देने की मांग की है.
विश्वविद्यालय के छात्र संघ पदाधिकारीयों का भी कहना है कि जहां एक तरफ देश की सबसे कठिन परीक्षा माने जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा के लिए छात्रों को पढ़ने और संसाधन जुटाने की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है. वहीं दुर्भाग्य की बात है कि आज इस घटना के बाद छात्रों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर संघर्ष भी करना पड़ रहा है. यह घटना बेहद दर्दनाक है.
मृतक छात्रों के परिवार आर्थिक सहायता देने की मांग
इसने न केवल दिल्ली बल्कि छोटे शहरों के भी छात्रों को मानसिक क्षति पहुंचाई है जो दिल्ली जाकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं. श्रद्धांजलि के बाद छात्रों ने सामूहिक रूप से यह मांग करते हुए कहा कि इस घटना में मृतक छात्रों के परिवार को राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से आर्थिक सहयोग और सरकारी नौकरी प्रदान करने की मांग करते हैं.
