चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के पिछले 2 दशकों में हासिल अंतरिक्ष आधारित क्षमताओं का भी विश्लेषण किया गया

अमेरिका और रूस अपनी अलग धुन में लगे हुए हैं और पीछे से चीन अंतरिक्ष में अपनी क्षमता बढ़ाता जा रहा है. अभी तक अंतरिक्ष में अमेरिका का दबदबा रहता था, लेकिन इस पर अब खतरा पैदा होने लगा है.अमेरिकी थिंक टैंक आरएएनडी की रिपोर्ट में इसको लेकर कुछ दावे किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अंतरिक्ष में अपनी सैन्य तैयारियों को अमेरिका को ध्यान में रखकर तैयार कर रहा है.

रिपोर्ट में चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के पिछले 2 दशकों में हासिल अंतरिक्ष आधारित क्षमताओं का भी विश्लेषण किया गया. आरएएनडी ने कहा कि अमेरिका को बहुत कम संचार के साथ तुरंत निर्णय लेने चाहिए. अंतरिक्ष संकटों में पीएलए से सहयोग की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. अमेरिकी अंतरिक्ष बल को शांतिकाल में भी पीएलए की आक्रामक कार्रवाइयों के लिए तैयार रहना चाहिए.

कई युद्धाभ्यास और डॉकिंग मिशन में लिया था भाग
एशिया टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2022 में चीन का मिनी स्पेसप्लेन लॉन्च हुआ, जो 276 दिन कक्षा में बिताने के बाद गोबी के रेगिस्तान में रनवे पर उतरा था. यह लोप नूर परमाणु परीक्षण स्थल के पास उतरा था, जिसका इस्तेमाल स्पेस प्लेन की रिकवरी के लिए किया गया. चीनी मीडिया ने इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताया था. एक निजी स्पेस कंपनी ने बताया कि चीन के स्पेसप्लेन ने अंतरिक्ष मिशन के दौरान एक अलग छोटी वस्तु के साथ कई युद्धाभ्यास और डॉकिंग मिशन में भाग लिया था. फाइनेंशियल टाइम्स ने भी रिपोर्ट में बताया था कि चीन ने एक परमाणु सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइल लॉन्च की थी, जिसने अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने से पहले दुनिया की परिक्रमा की थी.

चीन कर रहा आक्रामक तैयारी!
रिपोर्ट में कहा गया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अब अमेरिका को एक कमजोर होती ताकत के रूप में देख रहे हैं. इसके चलते चीन अब भविष्य में अंतरिक्ष में मुकाबले के लिए आक्रामक तैयारी कर रहा है, जिसका इस्तेमाल विरोधियों को झुकने या स्पेस वॉर के लिए किया जा सकता है.

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