फ्लोरोसिस प्रभावित इलाके में जलापूर्ति ठप,ग्रामीणों ने लगाया कार्यदायी संस्था के ऊपर मनमानी पूर्ण तरीके से कार्य करने का आरोप
फ्लोरोसिस प्रभावित इलाके में जलापूर्ति ठप।
ग्रामीणों ने लगाया कार्यदायी संस्था के ऊपर मनमानी पूर्ण तरीके से कार्य करने का आरोप।
राजेश तिवारी (संवाददाता)
कचनर वा (कोन/सोनभद्र) -नवसृजित विकास खण्ड कोन के ग्राम पंचायत कचनर वा में जल निगम व माननीय प्रधानमंत्री जी का ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे के तहत हर घर नल योजना के तहत आज तक नल कनेक्शन का कार्य पूरा नहीं हो सका जो कि कार्यदायी संस्था द्वारा मार्च 24 तक पूरा करना था लेकिन उक्त संस्था के मनमानी पूर्ण रवैये से लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुँच सका। बतातें चलें कि इस समय प्रचंड गर्मी से तापमान में वृद्धि होती जा रही है जिससे ज्यादातर हैंडपंपों ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया या मरम्मत के अभाव में हैंडपंप खराब पड़ें हैं। 12 अप्रैल 24 की आंकड़ों पर गौर करें तो कोन विकास खण्ड में 17 टैंकर से पंचायतों में जलापूर्ति किया जा रहा है जो कि जाँच का विषय है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कचनर के टोला असना बांध, नरोईया दामर, मधुरी आदि फ्लोरोसिस प्रभावित क्षेत्र है यहाँ पर आयरन की मात्रा ज्यादा है यहाँ के क्या बच्चे, बूढ़े सभी के दाँत पीले हो जा रहे हैं व पूर्व में नरोईया दामर में कई लोगों की मौत हो चुकी है जिसको लेकर पूर्व में कई समाजसेवी संगठन द्वारा आवाज उठाया गया था जिसके क्रम में शासन द्वारा ग्राम पंचायत स्तर से बोरिंग व टैंक का निर्माण कराया गया था जिसे कुछ टैंकों से पंचायत स्तर व जल निगम द्वारा कुछ समय तक पेयजल आपूर्ति कराया गया था व कुछ हैंडपंपों में वॉटर रिमूवल कीट लगाया गया था जो मरम्मत के अभाव कहें या जन प्रतिनिधियों के उपेक्षा के कारण ध्वस्त हो गया व ज्यादातर वाटर टैंक बंद व हैंडपंप खराब पड़ें हैं जिससे यहाँ कि जनता अगर बिजली न रहे तो पानी के लिए दर दर भटकना पड़ता है। आखिर सवाल उठता है कि वाटर , कनेक्शन व हैंडपंप मरम्मत के लिए जिम्मेदार किसे ठहराया जाय। इसी क्रम में ग्रामीणों ने बताया कि कार्यदायी संस्था व जल निगम के उपेक्षा के कारण ग्राम पंचायत कचनर वा के कई टोले जैसे मेन बाजार, असना बांध, नरोईया दामर, मधुरी, बड़ाप्, छुहियामटी, भेलवाखाडी, आदि व बागेसोती के सिंगा, डुमर्, डुब वा, पिपरखाड़, किशुनपुरवा, आदि ग्राम पंचायतों में अभी तक नल कनेक्शन पूरा नहीं हो सका और न ही इनके द्वारा नियमित जलापूर्ति की जाती है।
इस संबंध में एक सवाल के जबाब में कार्यदायी संस्था वाटर ट्रिटमेंट प्लांट के क्षेत्रीय मैनेजर शैलेंद्र जी ने बताया कि अभी कुछ क्षेत्रों में मेन पाइप लाइन का ट्रायल के साथ साथ ग्राउंटिंग का कार्य चल रहा है जैसे ही मौका मिलता है तो बचे लोगों को कनेक्शन दे दिया जायेगा अभी कुछ क्षेत्रों में पाइप लाइन को डैमेज कर दिया गया था जिसे फिर से ठीक कराकर पेयजल उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश की जा रही है व क्षेत्र लम्बा होने के कारण कार्य पूरा करने में समय लग रहा है।वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने माननीय जिलाधिकारी महोदय से मांग किया है कि प्रचंड गर्मी को देखते हुए तत्काल नल कनेक्शन के साथ साथ नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जाय।
