11 अप्रैल 2024 को नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी

11 अप्रैल 2024 को नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी. आज मां दुर्गा की मंदिर में घंटी का दान करना चाहिए. मान्यता है देवी चंद्रघंटा के पूजन से आत्मविश्वास मे बढ़ोत्तरी होती है जिससे हर कार्य कर पाना संभव हो जाता है.
इनके माथे पर अर्ध चंद्रमा का आकार चिन्हित होता है, जिस कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. इनकी कृपा से शत्रु पर विजय प्राप्ति का वरदान मिलता है. मां चंद्रघंटा की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र जानें.
नवरात्रि 2024 मां चंद्रघंटा पूजा मुहूर्त
- चैत्र शुक्ल तृतीया तिथि शुरू – 10 अप्रैल 2024, शाम 05.32
- चैत्र शुक्ल तृतीया तिथि समाप्त – 11 अप्रैल 2024, दोपहर 03.03
- शुभ – सुबह 06.00 – सुबह 07.35
- चर- सुबह 10.47 – दोपहर 12.22
- लाभ – 2.22 – दोपहर 01.58
मां चंद्रघंटा की पूजा विधि
मां चंद्रघंटा को लाल कुमकुम, लाल चंदन, लाल रंग की चुनरी ओढ़ाएं और क्लीं मंत्र का लगातार जाप करते रहे. सेब या फिर दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं. इससे मंगल देव प्रसन्न होते हैं. मां चंद्रघंटा की पूजा में ये मंत्र जपें – या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम:।।
मां चंद्रघंटा की सीख
देवी दुर्गा के तीसरे रूप का नाम चंद्रघंटा है क्योंकि उनके माथे पर घंटे के आकार का चंद्रमा है. चंद्रमा शीतलता देता है और ये मन का प्रतीक भी है. देवी चंद्रघंटा का स्वरूप हमें सिखाता है कि हमारा मन सधा हुआ रहे. मन को साधना ही सबसे बड़ी साधना है. अगर हम एक चित्त से काम करेंगे तो सफलता जरुर मिलेगी. मान्यता है कि मां चंद्रघंटा ना सिर्फ शक्ति का वरदान देती हैं बल्कि भक्तों के जीवन से भय को भी दूर करती हैं
