मोहम्मद सिराज का फर्श से अर्श पर पहुंचने का सफर

भारत के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज आज अपना 30वां जन्मदिन मना रहे हैं। सिराज का क्रिकेट के अर्श पर पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा है। एक ऑटो ड्राइवर का बेटा दुनिया का नंबर एक गेंदबाज बना लेकिन उसके पीछे उनकी खुद की और परिवार की मेहनत कम नहीं थी।सिराज ने अंतरराष्ट्रीय अपनी छाप उस वक्त छोड़ी जब टीम में बुमराह और शमी नहीं थे। वो टीम की रीढ़ थे और लगातार विकेट लेकर टीम को अच्छी शुरुआत दिला रहे थे। वर्ल्ड कप 2023 से पहले सिराज ने अपनी गेंदबाजी का कहर श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में बरपाया और 21 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए और अकेले दम टीम इंडिया को खिताब जिता दिया।
रोटिंयां सेंकने का करते थे काम, मिलते थे 150 से 200 रुपये
सिराज के जन्मदिन और उनके संघर्ष से जुड़ा एक वीडियो बीसीसीआई ने साझा किया है जिसमें उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष और क्रिकेट की यात्रा के बारे में बताया है। सिराज ने बताया कि उनके पिता अकेले कमाने वाले थे। ऐसे में वो भी कैटरिंग करके 150 से 200 रुपये रोजाना कमाकर पिता का सहयोग करते थे। सिराज ने बताया कि वो 150 रुपये घर पर देते थे वह रूमाली रोटी पलटने का काम करते थे। सिराज का बचपन गरीबी में गुजरा उनके पिता के पास एक ऑटो था और एक प्लेटीना बाइक जिसे धक्का देकर चालू करना पड़ता था। सिराज ने बताया कि रोटियां पलटने के काम में उनके हाथ भी जल जाते थे।
सिराज का इंटरनेशनल करियर
मोहम्मद सिराज भारत के लिए करियर में 27 टेस्ट, 41 वनडे और 10 टी20 मैच खेले हैं। टेस्ट में उनके नाम 74 विकेट, वनडे में 65 विकेट और टी20 में 12 विकेट दर्ज हैं।
