बसंत पंचमी पर घर में कैसे करें पूजा

बसंत पंचमी 14 फरवरी 2024 को है.ये दिन मां सरस्वती को समर्पित है. देवी सरस्वती के जन्मोत्वस के रूप में मनाया जाने वाला बसंत पंचमी त्योहार विद्यार्थियों के लिए बहुत खास है, मान्यता है कि बसंत पंचमी पर शिक्षा की शुरुआत करने से बच्चे को करियर में अनेक लाभ मिलेत है, माता सरस्वती के आशीर्वाद से व्यक्ति की बुद्धि तीव्र होती है.
जिन लोगों पर देवी सरस्वती की कृपा होती है, उन्हें देवी लक्ष्मी की कृपा भी जरूर मिलती है. माता सरस्वती की पूजा में कुछ खास चीजें जरुर शामिल करें, आइए जानते हैं बंसत पंचमी पर पूजन सामग्री की लिस्ट.
बसंत पंचमी पूजा सामग्री
- मां सरस्वती की पूजा में पीले रंग के फूल
- भोग – बेसन लड्डू, राजभोग, केसर भात, मालपुआ, बूंदी के लड्डू, केला
- पीले अक्षत, हल्दी
- अष्टगंध, केसर, पीले वस्त्र
- मां सरस्वती, गणपति जी की तस्वीर
- पूजा की चौकी, उस पर बिछाने के लिए पीला कपड़ा
- सुपारी, पान, दूर्वा, कुमकुम
- पीला चंदन, गंगाजल
- घी, कलश, मौली, कपूर
- नारियल, पुस्तक, सिक्का
- कलम, दवात, वाद्य यंत्र
- हवन कुंड, आम की समधिया
- रक्षा सूत्र, पंचमेवा, कलावा
- गाय का घी, सूखा नारियल, शक्कर
- गूलर की छाल, तिल, गुग्गल
- हविष्य
बसंत पंचमी पर घर में कैसे करें पूजा
- देवी सरस्वती की पूजा एकांत में शांत मन के साथ करना ज्यादा शुभ रहता है. इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनें.
- शुभ मुहूर्त में देवी सरस्वती को हल्दी लगाकर, पीले फूल, पीले अक्षत, पीला भोग अर्पित करें. इस दौरान श्रीं ह्रीं सरसवत्यै स्वाहा मंत्र जपना चाहिए.
- छात्रों को इस दिन कॉपी, पुस्तक आदि की पूजा करनी चाहिए. जरूरतमंद बच्चों को कॉपी, पुस्तकें आदि स्टेशनरी से संबंधित वस्तुओं का दान करें.
- अगर आप संगीतकार, नृतक या किसी अन्य कला से जुड़े हैं तो अपने क्षेत्र से संबंधित उपकरणों का पूजन करें.
- माता सरस्वती की वंदन करें, सरस्वती कवच का पाठ भी कर सकते हैं. अंत में आरती कर प्रसाद बांटें.
सरस्वती पूजा शुभ मुहूर्त 2024
- सुबह 07.00 – दोपहर 12.35 (अवधि 5 घंटे 35 मिनट)
