मा0 न्यायालय सोनभद्र द्वारा पाक्सों एक्ट के 01 दोषी को आजीवन कठोर कारावास (शेष जीवन काल तक) एवं 1,50,000/- रुपये के अर्थदण्ड से किया गया दण्डित

मा0 न्यायालय सोनभद्र द्वारा पाक्सों एक्ट के 01 दोषी को आजीवन कठोर कारावास (शेष जीवन काल तक) एवं 1,50,000/- रुपये के अर्थदण्ड से किया गया दण्डित

पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के दिशा-निर्देशन में आरोप तय होने के 35 दिनों के भीतर दोषी को दिलाई गई सजा-

पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा द्वारा पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के कुशल निर्देशन में जनपद में महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई एवं त्वरित न्याय सुनिश्चित किए जाने हेतु चलाए जा रहे #Operation Conviction अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) सोनभद्र श्री अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण/मार्गदर्शन में विवेचक श्री शिव प्रताप वर्मा द्वारा उच्च गुणवत्ता की निष्पक्ष एवं सशक्त विवेचना संपादित की गई तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई साथ ही, कोर्ट मोहर्रिर, अभियोजन अधिकारी एवं जनपद मॉनिटरिंग सेल के समन्वित एवं सतत प्रयासों से न्यायालय के समक्ष ठोस एवं प्रामाणिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। परिणामस्वरूप मुकदमा पंजीकृत (27.10.2025) होने के मात्र 03 माह 15 दिनों के भीतर अभियुक्तों को सजा दिलाना संभव हुआ। प्रभावी पैरवी एवं सशक्त पुलिस-न्याय प्रणाली के समन्वय से दुष्कर्म के प्रकरण में 01 आरोपी को मा0 न्यायालय ASJ/SPL/पॉक्सो, सोनभद्र द्वारा आजीवन कठोर कारावास एवं 1,50,000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है ।

प्रकरण का विवरण:-
थाना:-चोपन, जनपद सोनभद्र।
मु0अ0सं0:- 388/2025
धाराएं:- धारा 64(2)F, 65(1) बीएनएस व 3/4(2), , 5N/6 पॉक्सो एक्ट।
आरोपीगण:- 01. रमेश साहनी पुत्र स्व0 गुलाब निवासी कोटा खास बस्ती थाना चोपन जनपद सोनभद्र।

मा0 न्यायालय द्वारा अभियुक्त को दी गई सजा का विवरण:-

धारा:- 5J(2)/6 पॉक्सों एक्ट में-
अभियुक्त को अपराध कारित करने हेतु आजीवन कठोर कारावास तथा कुल 50,000/- रुपये का अर्थदण्ड (अर्थदण्ड अदा न करने पर 06 माह का अतिरिक्त कारावास)
धारा:- 5N/6 पाक्सों एक्ट में-
अभियुक्त को अपराध कारित करने हेतु कठोर आजीवन कारावास तथा 50,000/- रुपये का अर्थदण्ड (अर्थदण्ड अदा न करने पर 06 माह का अतिरिक्त कारावास)
धारा:- 65(1) बीएनएस में-
अभियुक्त को अपराध कारित करने हेतु कठोर आजीवन कारावास तथा 50,000/- रुपये का अर्थदण्ड (अर्थदण्ड अदा न करने पर 06 माह का अतिरिक्त कारावास)
नोट:- आजीवन कारावास का अभिप्राय शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा।

यह निर्णय न केवल पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि समाज में यह सशक्त संदेश भी स्थापित करता है कि महिला एवं बाल अपराधों में संलिप्त किसी भी अभियुक्त को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।

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