युवा शिविर का समापन: समाज सुधार के लिए युवाओं को किया प्रेरित
युवा शिविर का समापन: समाज सुधार के लिए युवाओं को किया प्रेरित

उपेंद्र तिवारी सोनभद्र ब्यूरो
म्योरपुर ब्लॉक के गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम में आयोजित चार दिवसीय युवा शिविर का आज समापन हुआ। शिविर में युवाओं की जिम्मेदारी और समाज में उनकी भागीदारी को लेकर व्यापक चर्चा की गई। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समस्याओं का समाधान, सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था।
जैविक खेती और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा
शिविर के दौरान युवाओं को जैविक खेती और कंपोस्ट खाद बनाने की विधियों की जानकारी दी गई। इसके अलावा, शौचालय के उपयोग, बाल विवाह पर रोक, नशा मुक्ति, और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। शिविर में युवाओं को यह संकल्प दिलाया गया कि वे इन मुद्दों पर पहल करेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
स्त्री-पुरुष समानता पर विचार
समापन सत्र में शुभा प्रेम ने समाज में स्त्री-पुरुष समानता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि लड़कियों के जन्म पर शोक और लड़कों के जन्म पर खुशी मनाने की परंपरा समाप्त होनी चाहिए। युवाओं से अपील की गई कि वे घरेलू कार्यों में अपनी बहनों की मदद करें। शुभा प्रेम ने छठी और अन्नप्राशन जैसे आयोजनों में अनावश्यक कर्ज लेकर खर्च करने पर भी चिंता व्यक्त की।
युवाओं को ‘पारस पत्थर’ बनने का आह्वान
सत्र के समापन पर विमल सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा ‘पारस पत्थर’ बनना है,जिससे उनके संपर्क में आने वाले लोग नेक इंसान बनें। उन्होंने युवाओं से संगठित होकर समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाने की अपील की।
नुक्कड़ नाटक से दी सामाजिक संदेश
शिविर के अंतिम दिन युवाओं ने नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी। नाटक में खुला में पशुओं को छोड़ने, कम उम्र में विवाह और शौचालय के उपयोग न करने से होने वाली समस्याओं पर रोचक और तथ्यपरक संदेश दिया गया।
मुख्य उपस्थिति और संचालन
समापन कार्यक्रम में संतोष कुमार दुबे, जगत नारायण विश्वकर्मा, देव नाथ सिंह, मनोज, अभिषेक, राम कुमार, मोनिका, नीरा देवी और चंद्रावती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। शिविर का संचालन प्रदीप कुमार पांडेय और राकेश कुमार ने किया।
