धूम धाम से मनाई गयी डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयन्ती।
धूम धाम से मनाई गयी डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयन्ती।

उपेंद्र तिवारी सोनभद्र ब्यूरो
*यदि मुझे कभी लगा कि संविधान का दुरूपयोग हो रहा तो इसे सबसे पहले जलाऊँगा- डॉक्टर भीमराव अंबेडकर।
राजेश तिवारी (संवाददाता)
कचनर वा (कोन/सोनभद्र) -नवसृजित विकास खण्ड कोन के ग्राम पंचायत कचनर वा के टोला हड़वरिया में समिति के अध्यक्ष रामखिलावन यादव की अध्यक्षता में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 133 वीं जयन्ती बड़े धूम धाम के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उ*प्र* पॉवर कार्पोरेशन के अधिशासी अभियंता बालमुकुंद यादव जी ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया व उनके विचारों को आत्मसात करते हुए अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर समानता

और ज्ञान के प्रतीक के साथ एक महान भारतीय समाजसेवी, विचारक, निर्माता और संविधान निर्माता व आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री भी थे। डॉ*अंबेडकर ने साल 1930 में मानवाधिकारों के लिए नासिक मंदिर प्रवेश आंदोलन का नेतृत्व् किया था व आजादी के बाद उन्हें देश के पहले प्रधानमंत्री पं*जवाहर लाल नेहरू की पहली कैबिनेट में विधि एवं न्याय मंत्री नियुक्त किया गया था। आज पूरा देश संविधान निर्माता डॉ*भीमराव अंबेडकर की जयन्ती मना रहा है। ततःश्चात् वरिस्ट समाजसेवी व पूर्व ग्राम प्रधान उदय यादव व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजनारायण भारती ने अपने संबोधन में कहा कि भारत रत्न डॉ*बाबा साहेब अंबेडकर स्वतंत्रता संग्राम और आजादी के बाद अहम योगदान दिया है उन्होंने अपने जीवन में अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ा था उन्होंने अच्छे वेतन वाले उच्च पदों को दुकरा दिया था क्योंकि वह अपना जीवन समानता, भाईचारा, मानवता के लिए समर्पित कर दिया था और आज भी डाॅ*बाबा साहेब की कुछ विचार युवाओं के लिए प्रेणना स्रोत बने हुए हैं जो कि समानता कल्पना हो सकती है लेकिन शासकीय सिद्धांत के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए व मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता, बंधुतत्व सिखाता है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख बंशीधर जी, वरिस्ट समाजसेवी आनंद कंत तिवारी, विहारी प्रसाद यादव, मनोज यादव, चंद्रकांत, रंजीत, रामलाल आदि सेकडों लोगों उपस्थित थे।
