गणतंत्र दिवस पर डॉक्टर राजेश गुप्ता हुए भारत सेवा रत्न से सम्मानित
गणतंत्र दिवस पर डॉक्टर राजेश गुप्ता हुए भारत सेवा रत्न से सम्मानित
रक्तदान से गौसेवा तक, डॉक्टर राजेश गुप्ता का राष्ट्रीय सम्मान

संवाददाता राजू यादव
सिंगरौली।मध्य प्रदेश की तपोभूमि सिंगरौली जिले की दूधिचूआ परियोजना में कार्यरत माइनिंग इंजीनियर एवं प्रख्यात समाजसेवी डॉक्टर राजेश प्रसाद गुप्ता को 26 जनवरी 2026 को आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रतिष्ठित ‘भारत सेवा रत्न अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पूरे भारतवर्ष में प्रतिवर्ष केवल 100 विशिष्ट व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है।
डॉक्टर गुप्ता को इससे पूर्व 15 अगस्त 2025 को ‘राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। अब तक उन्हें 500 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, साथ ही उनके नाम लंदन बुक रिकॉर्ड और वर्ल्ड बुक रिकॉर्ड में भी दर्ज हैं।
पिछले 21 वर्षों में वे 84 बार स्वैच्छिक रक्तदान एवं प्लेटलेट्स दान कर चुके हैं और लगभग दो लाख परिवारों को रक्त उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। अंगदान, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा जागरूकता, ग्रामीण विकास और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
हजारों गौमाताओं के लिए गौ-भंडारा, रेडियम बेल्ट, उपचार एवं देखभाल के साथ-साथ हजारों फलदार वृक्षों का रोपण कर वे पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बने हैं। जरूरतमंद परिवारों, श्रमिकों, वृद्धजनों और बच्चों के लिए चलाए गए उनके सामाजिक अभियानों ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है।
राष्ट्रीय ज्यूरी ने उनकी निस्वार्थ सेवा, समर्पण और सतत प्रयासों को देखते हुए उन्हें ‘भारत सेवा रत्न अवार्ड 2026’ के लिए चयनित किया। समारोह में देश के कई वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त रक्षा अधिकारियों की उपस्थिति में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया, जिससे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है।
