पाकिस्तान की फजीहत के बाद बोला चीन- हमें खेद है, ऑपरेशन सिंदूर पर दिया बयान

अप्रैल के अंत में पहलगाम में निर्दोष सैलानियों पर हुए बेरहम आतंकी हमले का बदला चुकाने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों ने दो हफ्ते तक की रणनीति के बाद मध्यरात्रि में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का बिगुल फूंका.
राफेल लड़ाकू विमानों और सटीक लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस इस अभियान में पाकिस्तान व PoK में फैले नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया. ठोस कार्रवाई के दौरान कम से कम 90 आतंकवादी ढेर किए गए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के कई सक्रिय सदस्य शामिल थे.
चीन का बयान-“शांति और संयम बनाए रखें”
इस ऑपरेशन की ताबड़तोड़ सफलता के बाद चीन ने अपना कूटनीति मोर्चा पहले ही तैयार किया. विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा भारत की सैन्य कार्रवाई पर हमें गहरा अफ़सोस है. हम दोनों देशों से अपील करते हैं कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और अधिकतम संयम बरतें. चीन का यह संदेश मध्यस्थता का परोक्ष प्रस्ताव होते हुए भी द्विपक्षीय कार्रवाई पर असहमति का संकेत है, जिसे भारत पारंपरिक रूप से स्वीकार नहीं करता.
पाकिस्तान में निरीहता की मनोस्थिति
भारतीय मिग्स और राफेल्स द्वारा चलाई गई मिसाइलों ने PoK में 100 किमी तक गहरी छाप छोड़ी. इसके कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तानी सेना ने पत्रकारों से कहा कि छह थर्मobarिक मिसाइल हमलों में आठ नागरिक मरे और 35 घायल हुए, जबकि दो लापता हैं-सूत्र शिन्हुआ समाचार एजेंसी के हवाले से. पाकिस्तान ने यह भी दावा किया कि उसने भारतीय वायुसेना के तीन फाइटर जेट्स को मार गिराया, लेकिन नई दिल्ली ने इसे “प्रोपेगेंडा और गुमराह करने वाला बयान” करार दिया. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन के सभी लक्षित अड्डों तक पहुंचने और वापस लौटने में किसी भी भारतीय विमान को कोई नुक़सान नहीं हुआ.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के प्रमुख निशाने
मुरीदके (मरकज़-ए-तैबा): लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेनिंग कैंप को ध्वस्त कर दिया गया. बहावलपुर (जामिया सुब्हानअल्लाह): जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय निशाने पर था. अन्य सात स्थल: कोटली व मुजफ़्फराबाद में जैश और हिजबुल मुजाहिद्दीन के शिविर, तथा सीमावर्ती घुसपैठ मार्गों के पास लॉजिस्टिक्स केंद्र.Operation Sindoor: अप्रैल के अंत में पहलगाम में निर्दोष सैलानियों पर हुए बेरहम आतंकी हमले का बदला चुकाने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों ने दो हफ्ते तक की रणनीति के बाद मध्यरात्रि में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का बिगुल फूंका. राफेल लड़ाकू विमानों और सटीक लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस इस अभियान में पाकिस्तान व PoK में फैले नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया. ठोस कार्रवाई के दौरान कम से कम 90 आतंकवादी ढेर किए गए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के कई सक्रिय सदस्य शामिल थे.
