संत सियाराम बाबा का निधन, गीता जयंती के अवसर पर शरीर त्यागा

संत सियाराम बाबा का निधन बुधवार सुबह गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी के अवसर पर हो गया. सियाराम बाबा ने सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर अंतिम सांस ली. जानकारी के अनुसार बाबा पिछले 10 दिनों से बीमार थे.उनका इलाज आश्रम के चिकित्सालय में ही चल रहा था. बुधवार शाम चार बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

गुजरात के रहने वाले थे सियाराम बाबा

सियाराम बाबा मूलत: गुजरात के रहने वाले थे लेकिन वे काफी समय से खरगोग में रहकर मां नर्मदा की सेवा कर रहे थे.बाबा को निमोनिया की शिकायत थी और इंदौर के डाॅक्टर उनका इलाज कर रहे थे. वे प्रभु श्रीराम के भक्त थे और उनकी ही सेवा में दिन बिताया करते थे. वे प्रतिदिन रामायण का पाठ करते और भक्तों को चाय भी पिलाते थे.

91 वर्ष की आयु में हुआ निधन

बाबा सियाराम का जन्म 1933 में गुजरात के भावनगर में हुआ था. वे बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे और 17 वर्ष की उम्र में संन्यास ले लिया था. उन्होंने की वर्षों तक मौन तपस्या भी की थी. हालांकि कुछ लोगों का दावा है कि उनकी आयु सौ वर्ष से अधिक थी. उन्हें भगवान हनुमान का भी बड़ा भक्त माना जाता है.

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